*कागजों पर विकास, गांवों में मूलभूत सुविधाओं के लिए तरसते लोग*
सरकार कागजों में बड़े-बड़े विकास के दावे कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। बुनियादी सुविधाओं के अभाव में ग्रामीण आज भी परेशान हैं।
भोंगापाल के ग्रामीणों ने सरपंच के नेतृत्व में मंगलवार को कोंडागांव कलेक्टर जनदर्शन में पहुंचकर अपनी मांगें रखीं। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र के हाईस्कूल भवन की हालत जर्जर है। एक ही भवन में 70 से 75 बच्चे पढ़ने आते हैं और उन्हें पढ़ाने के लिए सिर्फ 3 शिक्षक हैं। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
वहीं उप स्वास्थ्य केंद्र की स्थिति और भी खराब है। इस केंद्र के अंतर्गत 5 गांव आते हैं, लेकिन यहां स्टाफ के नाम पर केवल 2 कर्मी ही तैनात हैं। दवाइयों और जरूरी उपकरणों की भी कमी बताई जा रही है। प्रसव और आपातकालीन स्थिति में मरीजों को कई किलोमीटर दूर जाना पड़ता है।
बुद्धदेव पारा* में कोई आंगनबाड़ी केंद्र नहीं है। निकटतम केंद्र 3 किलोमीटर दूर है।
दूरी के कारण पारा के *25 से 30 बच्चे* एवं गर्भवती/धात्री महिलाएं योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रही हैं।
सरपंच सहित ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है हाईस्कूल भवन को मरम्मत और शिक्षकों की नियुक्ति की जाए। साथ ही उप स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर, स्टाफ नर्स बढाने एंव बुध्ददेव पारा मे आंगनबाड़ी खोलने की मांग की है

