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*मोहला—अवैध प्लाटिंग पर कार्रवाई तेज,तहसीलदार ने पटवारियों से मांगी अवैध प्लाटिंग की जानकारी खबर के बाद राजस्व विभाग तथा भू माफिया में हड़कम*

मनीष कौशिक

मोहला ——जिला मुख्यालय मोहला के आश्रित ग्राम चिलमटोला में कृषि भूमि पर किए जा रहें अवैध प्लाटिंग की खबर में प्रकाशित होने के बाद से राजस्व विभाग के प्रशासनिक गलियारों और भू माफियाओं में हड़कंप मच गया है। कृषि भूमि की अवैध प्लाटिंग को मोहला तहसीलदार नेहा विश्वकर्मा ने गभीरता से लिया है और मामले में कार्रवाई का आश्वासन दिया है। तहसीलदार नेहा विश्वकर्मा ने कृषि भूमि के अवैध प्लाटिंग के मामले में तत्परता दिखाते हुए मोहला तहसील क्षेत्र के समस्त पटवारियों को पत्र जारी कर अवैध प्लाटिंग की जानकारी मांगी है। पटवारियों के द्वारा अवैध प्लाटिंग की जानकारी मुहैया करवाने के बाद उचित कार्रवाई की पूर्ण संभावना बताई जा रही है। उल्लेखनीय है कि जिला मुख्यालय मोहला से लगे चिलमटोला में भू माफिया हेमंत साहू और रेमंत देवांगन के द्वारा 7 एकड़ से ज्यादा कृषि भूमि को टुकड़े टुकड़े कर बिना अनुमति, बिना टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के अनुमति और बिना डायवर्सन के भोले भाले लोगों को आवासीय प्लाट के रूप में ऊंचे दाम पर भूमि बिक्री कर कालोनी बसाने के लिए 40 से अधिक प्लाट काट लिए है। खबर प्रकाशित किये जाने के बाद से राजस्व विभाग के अधिकारियों को नींद खुली और अब कार्रवाई को लेकर सक्रिय नजर आ रहें है।

राजस्व अधिकारियों के बीवी भाई रिश्तेदारों के नाम अवैध प्लाटिंग -मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी जिले में लंबे समय से कृषि भूमि , शासकीय पट्टे कि भूमि,और सीलिंग भूमि की खरीद फरोख्त का काम लंबे समय से मोहला मुख्यालय मे चल रहा है। मोटी कमाई के चक्कर में इस अवैध खरीद फरोख्त के मामले में राजस्व विभाग के अधिकारी कर्मचारी भी अपनी भूमिका बखूबी निभाते रहें है। जिसके कारण जिले में अवैध प्लाटिंग और शासकीय भूमि की रजिस्ट्री,नामांतरण और डायवर्सन का काम दिन ब दिन बढ़ता ही गया और भू माफिया अंधाधुंध कमाई करते आ रहे है मोहला का हाल यह है कि राजस्व अधिकारी के बीबी भाई और अन्य रिश्तेदारों के नाम पर अवैध प्लाटों में रजिस्ट्री और नामांतरण हो गया है।ध्वस्ति करण और जुर्माने की मांग उठी- मोहला जिला मुख्यालय से लगे चिलमटोला में भू माफियाओं ने अब तक 7 एकड़ कृषि भूमि को 40 से ज्यादा टुकड़े कर भोले भाले लोगों को महंगे दामों पर बेंच दिया है और करौडो रुपए का मुनाफा भी कमा लिए है। इधर खरीददारों में मामला प्रकाश में आने के से हड़कंप मचा हुआ है। क्योंकि अवैध प्लाटिंग कर बसाये गए कॉलोनी को शासन प्रशासन पूरी तरह से अवैध मानती है। अवैध कॉलोनियों पर बने मकानों को शासन प्रशासन ध्वस्त करने की कार्रवाई या जुर्माने की कार्रवाई भी कर सकती है। इसके साथ ही अवैध कॉलोनाइजर के खिलाफ FIR भी दर्ज हो सकती है।इस सब के बीच मोहला नगरवासियों ने माग उठाई है कि समस्त बोगस रजिस्ट्री को निरस्त कर भू माफिया को खिलाफ सीधे एफआईआर दर्ज की जाए।भू माफियाओं के कब्जे में बांध के डुबान क्षेत्र और श्मशान की भूमि-चिलमटोला और मोहला के ग्रामीणों का आरोप है कि भू माफिया हेमंत साहू और रेमंत देवांगन ने बांध के डुबान क्षेत्र और श्मशान घाट के भूमि को भी प्रभावित किया है। डुबान क्षेत्र और श्मशान घाट के अवैध तरीके से खुदाई कर सैकड़ों ट्रिप मिट्टी मुरूम निकाली गई है और मिट्टी मुरूम का उपयोग प्लाटिंग किए गए क्षेत्र को समतल करने में किया गया है।मुआवजा भी मिल चुका है-इधर ग्रामीणों का आरोप है कि जिस कृषि भूमि पर रेमंत देवांगन और हेमंत साहू ने अवैध प्लाटिंग किया है वह बांध के डुबान क्षेत्र में आता है और 80 से 90 के दशक में भू स्वामियों को इसका मुआवजा भी मिल चुका है। यदि राजस्व और सिंचाई विभाग के दस्तावेज खंगाले जाए तो मुआवजा मिलने के साथ साथ भू अर्जन की कार्रवाई का पता चल सकता है।मोहला के भीतर बड़े पैमाने पर कृषि भूमि की प्लेटिंग हुई है जिसकी समस्त जानकारी संबंधित पटवारी से ली जा रही है रजिस्ट्री और नामांतरण पर रोक लगाने को लेकर पत्र प्रेषित किया गया है। नेहा विश्वकर्मा तहसीलदार मोहला

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