

राहुल भोई महासमुंद..
माॅ के साथ भावुकता पूर्ण व्यवहार करने लच्छनी के बेटेबहु को दी सलाह
महासमुंद दिनांक 18 जून 2026/ नालसा द्वारा चलाए जा रहे अभियान ’’करूणा’’ तथा वृद्धजनों के लिए विशेष अभियान वरिष्ठजन अधिकार सशक्तिकरण और गरिमा एवं न्याय तक उनकी पहुच पर अधारित अभियान चलाया जा रहा है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की प्रभारी सचिव एवं मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुश्री चेतना ठाकुर उक्त अभियान को प्रभावी बनाने तथा वरिष्ठजनों के अधिकार, संरक्षण एवं उनकी गरिमा व महत्वों की जानकारी के संबंध में विगत दिनों विधिक जागरूकता शिविर आयोजित कर उपस्थित वरिष्ठजनों के साथ चर्चा भी किया गया। इस दौरान सभी वरिष्ठजनों के बारे में आश्रम में आने के कारण, पुत्रों एवं निवास व संपत्ति के संबंध में जानकारी ली गई। तभी वहा मौजूद पिथौरा थानांर्गत ग्राम सेवईया निवासी लच्छनी बाई द्वारा अपने और अपने पुत्रों के बारे में बताया। विदित है कि 70 वर्षाीय लच्छनी बाई विगत दो-तीन वर्षो से आशियाना वृद्धाश्रम में रह रही है। लच्छनी बाई का कहना है कि उनके तीन पुत्र है। पहले घर परिवार अच्छे से चल रहा था। तीनों पुत्रों के साथ अनबन होने के कारण घर का महौल खराब हो गया, जिससे वह परेशान थी। तब वह स्वयं घर में ना रहने व कही निकल जाने का निर्णय लिया। कुछ दिन बाद लच्छनी बाई घर से निकल गया और किसी माध्यम से आश्रम के बारे में पता चलने पर वहां पहुंच गया।
उक्त संबंध में जब प्राधिकरण की प्रभारी सचिव को जानकारी हुई तो तत्परता पूर्वक आरक्षी केन्द्र में पदस्थ अधिकार मित्र जितेन्द्र पटेल द्वारा उनके बताए हुए पते पर उनके पुत्रों की पतासाजी कर प्राधिकरण के कार्यालय में उपस्थित होने की सूचना दी गई। उपस्थिति उपरांत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की प्रभारी सचिव सुश्री चेतना ठाकुर द्वारा लच्छनी बाई के पुत्र और पुत्रवधु को समझाईश देते हुए अपनी माॅ को वापस घर ले जाने तथा अच्छे से आलन-पालन व भावुकतापूर्ण व्यवहार करने की सलाह दी गई। इस प्रकार अब लच्छनी बाई के पुत्र-पुत्रवधु द्वारा उसे अच्छे से देखभाल करने हेतु वापस अपने साथ घर ले गया है। इस अवसर उसके पुत्र के साथ आए ठाकुर राम दीवान, अधिकार मित्र हरिचंद साहू, आशियाना वृद्धाश्रम से रूचि ठाकुर, भुमिका धु्रव, साध्या तांडी एवं लीगल एड डिफौस के स्टाफ खेलसिंग पटेल उपस्थित थे।

