*प्रशासनिक लापरवाही ने ली मासूम की जान, अधूरे सोख्ता गड्ढे में गिरने से बच्ची की मौत, रूढ़ि जन्य परंपरागत सर्व आदिवासी समाज ने माननीय मुख्यमंत्री मंत्री के नाम से जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर न्याय की गुहार लगाई”*,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,*बीजापुर जिले से दीपक मरकाम की खबर*
बीजापुर दिनांक 22 अप्रैल 2026
*रूढ़ि जन्य परंपरागत सर्व आदिवासी समाज जिलाध्यक्ष बीजापुर अशोक कुमार तलांडी ने अति संवेदनशील बीजापुर जिले के विभिन्न गांवों के ज्वलंत समस्याओं के निराकरण के माननीय मुख्यमंत्री जी के नाम से जिला कलेक्टर बीजापुर को ज्ञापन सौंपकर ध्यान आकर्षित किया ।
उसूर ब्लाक के गलगम पंचायत के अंतर्गत वेंगूपारा में शासन प्रशासन द्वारा अधूरी निर्माण सोख्ता गडडा में दूधमुंही मासूम बच्ची गिर कर मृत्यु हुई जिसका जिम्मेदार कौन है ।
जिला प्रशासन सूक्ष्म परीक्षण कर मृत्यु बालिका के परिवार जनों को उचित मुआवजा प्रदाय करते हुए संबंधित सोख्ता गडडा निर्माण के काय एजेंसी के खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई करते हुए मासूम बालिका कु रोजा अवलम के परिवार जनों को को उचित मुआवजा दिया जाने तथा रुढ़ि जन्य परंपरागत सर्व आदिवासी समाज बीजापुर के जिला अध्यक्ष अशोक कुमार तलांडी द्वारा ।
बीजापुर वि. ख के मिडते पंचायत अंतर्गत ग्राम कचलारम आदेड, कांकड़ मेटा में सामाजिक सांस्कृतिक संवैधानिक वैचारिक रूढ़ि जन्य परंपरागत जन चौपाल कार्यक्रम आयोजित कर तकनीकी पाक्रलन अनुसार, 5 किलो मीटर पक्की सड़क निर्माण करने, कांकड़ मेटा में नवीन स्कूल निर्माण कर स्कूल संचालित करने उप तहसील गंगालूर में नियद नेल्लानार योजना के तहत् पेट्रोल पंप खोलने और जिले के अंतर्गत पेन गुडी धार्मिक स्थलों में हाई मास्क निर्माण करने पूर्व में स्वीकृत आश्रम छात्रावासों को अराजकता के कारण विस्थापित किए हैं उन आश्रम छात्रावासो को पुनः जिस गांव के नाम से स्वीकृत है उन्हीं गांवों में संचालित करने माननीय मुख्यमंत्री जी के नाम से जिला कलेक्टर को ज्ञापन देकर मांग किया।
उक्त ज्ञापन सौंपने के दौरान जिलाध्यक्ष अशोक कुमार तलांडी ,प्रदेश उपाध्यक्ष नरेंद्र बुरका, संरक्षक बी एस नागेश, वरिष्ठ उपाध्यक्ष गुज्जा राम पवार, अनिल बुरका, युवा अध्यक्ष शेखर अंगमपल्ली ,समाज प्रमुख दीपक मरकाम व यालम जी शामिल थे समाज प्रमुखों ने शासन प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दिया कि समाज ने जगह जगह जन चौपाल लगाकर लोगों की आपबीती सुनी लोगों के साथ विचार विमर्श कर जन हित मूल भूत आवश्यकताएं पूरी करने शासन प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर न्याय की गुहार लगाई।
समाज ने अंत में कहा कि यदि यह जनहित कार्यों को शासन प्रशासन त्वरित निराकरण करें





