Tuesday, May 12, 2026

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कलेक्टर नीलेशकुमार महादेव क्षीरसागर और CEO हरेश मण्डावी की पहल से चमकी प्रतिभा, मुफ़्त कोचिंग से 20 छात्र सफल।

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कलेक्टर नीलेशकुमार महादेव क्षीरसागर और CEO हरेश मण्डावी की पहल से चमकी प्रतिभा, मुफ़्त कोचिंग से 20 छात्र सफल।

भानुप्रतापपुर का ‘मावा मोदोल’ बना सफलता की मिसाल, 20 छात्रों ने CGPSC प्री में दर्ज की जीत।

 

कलेक्टर नीलेशकुमार महादेव क्षीरसागर और CEO हरेश मण्डावी की पहल से चमकी प्रतिभा, मुफ़्त कोचिंग से 20 छात्र सफल

 

*मेरा मूल मेरा भविष्य’ योजना से बदली तस्वीर, दूरस्थ क्षेत्रों के 20 विद्यार्थियों ने CGPSC प्री किया पास*

 

कांकेर:-

जिला उत्तर बस्तर कांकेर में जिला प्रशासन द्वारा संचालित अभिनव पहल “मावा मोदोल – मेरा मूल मेरा भविष्य” नि:शुल्क कोचिंग योजना ने एक बार फिर अपनी प्रभावशीलता सिद्ध करते हुए उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। इस योजना के अंतर्गत अध्ययनरत विद्यार्थियों ने CGPSC प्रारंभिक परीक्षा 2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कुल 20 छात्र-छात्राओं ने सफलता प्राप्त की है, जो जिले के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय बन गया है।

यह महत्वाकांक्षी योजना कलेक्टर नीलेशकुमार महादेव क्षीरसागर के निर्देशन एवं जिला पंचायत सीईओ हरेश मण्डावी के मार्गदर्शन में संचालित की जा रही है। इस पहल का उद्देश्य दूरस्थ एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए नि:शुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण कोचिंग उपलब्ध कराना है।

जिला मुख्यालय कांकेर एवं विकासखंड मुख्यालय भानुप्रतापपुर में संचालित इस कोचिंग कार्यक्रम में पिछले एक वर्ष से विद्यार्थी नियमित अध्ययन कर रहे थे। अब इसके सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। भानुप्रतापपुर शाखा से 12 छात्र-छात्राओं तथा कांकेर शाखा से 8 छात्र-छात्राओं ने प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण कर जिले का नाम रोशन किया है।

भानुप्रतापपुर शाखा से सफल विद्यार्थियों में श्रीमती शिल्पा नुरेटी, कु. छबीलता देहारी, भावेश करंगा, रामगुलाल, कु. रजोतिन, राहुल ठाकुर, डेनियल वर्मा, गजेंद्र सोनवानी, लोचन प्रसाद देवांगन, कु. नेहा कोरेटी, दीप मल्लिका चुरेंद्र एवं कमल राम ठाकुर (नायब तहसीलदार) शामिल हैं।

वहीं, कांकेर शाखा से सफल विद्यार्थियों में सुभाष नेताम, वीरेंद्र टंडन, प्रतिभा कुंजाम, प्राची वासनीकर, तुषार शेंडे (टेस्ट सीरीज लाभार्थी), दिलीप कुमार मार्कण्डेय, नीरज कुमार साहू एवं विक्रांत शामिल हैं।

इन सभी विद्यार्थियों की पृष्ठभूमि आर्थिक रूप से कमजोर है, लेकिन उन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत की। जिला प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराए गए मार्गदर्शन, अध्ययन सामग्री और अनुकूल वातावरण ने उनके आत्मविश्वास को बढ़ाया और सफलता की राह आसान की।

कलेक्टर कांकेर ने इस उपलब्धि पर सभी सफल विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता छात्रों की मेहनत, शिक्षकों के मार्गदर्शन और प्रशासन की प्रतिबद्धता का संयुक्त परिणाम है। उन्होंने कहा कि जिले के दूरस्थ क्षेत्रों में छिपी प्रतिभाओं को आगे लाने के लिए ऐसे प्रयास निरंतर जारी रहेंगे।

हरेश मण्डावी सीईओ जिला पंचायत ने छात्रों की उपलब्धियों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी रमेश कुमार निषाद एवं डीएमसी नवनीत पटेल को निर्देशित किया है कि इन विद्यार्थियों के लिए मुख्य परीक्षा की तैयारी हेतु विशेष कार्ययोजना तैयार की जाए। प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि इन छात्रों को नि:शुल्क आवास, उन्नत अध्ययन सामग्री, विशेष बैच, टेस्ट सीरीज एवं इंटरव्यू गाइडेंस उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि वे अंतिम चयन तक पहुंच सकें।

जिला प्रशासन का लक्ष्य केवल प्रारंभिक परीक्षा में सफलता तक सीमित नहीं है, बल्कि इन छात्रों को मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए तैयार करना है। इसके लिए विशेषज्ञ शिक्षकों की सहायता से विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

इसके अतिरिक्त, ऐसे छात्र-छात्राएं जिन्होंने स्वयं के संसाधनों से CGPSC प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण की है, उन्हें भी इस नि:शुल्क कोचिंग योजना में शामिल होने का अवसर दिया जाएगा। इच्छुक विद्यार्थी कोचिंग केंद्र में उपस्थित होकर मुख्य परीक्षा एवं साक्षात्कार की तैयारी का लाभ उठा सकते हैं।

“मावा मोदोल” योजना आज शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक मॉडल के रूप में उभर रही है। यह न केवल शैक्षणिक अवसर प्रदान कर रही है, बल्कि सामाजिक समावेशन और समान अवसर की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

कांकेर जिला प्रशासन की यह पहल यह सिद्ध करती है कि यदि सही दिशा, संसाधन और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाए, तो दूरस्थ और वंचित क्षेत्रों के छात्र भी बड़े सपनों को साकार कर सकते हैं। आने वाले समय में यह योजना और भी अधिक विद्यार्थियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम बनेगी।

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