
राहुल भोई महासमुंद..
महासमुंद..छत्तीसगढ़ ड्राइवर महासंघ ने अपनी 15 सूत्रीय मांगों को लेकर सोमवार को महासमुंद शहर में विशाल रैली निकालकर प्रदर्शन किया। महासंघ के सदस्यों ने लोहिया चौक से रैली की शुरुआत की, जो नेहरू चौक, बरोंडा चौक और शास्त्री चौक होते हुए कलेक्टरेट परिसर पहुंची। इस दौरान बड़ी संख्या में चालक और महासंघ के पदाधिकारी शामिल हुए तथा अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की।
कलेक्टरेट पहुंचने के बाद महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर के नाम प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से ड्राइवरों की विभिन्न समस्याओं और लंबे समय से लंबित मांगों को शासन तक पहुंचाने की बात कही गई। महासंघ का कहना है कि प्रदेशभर के चालकों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, जिसके समाधान के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए।
महासंघ की प्रमुख मांगों में चालक की मृत्यु होने पर 20 लाख रुपये का बीमा तथा दुर्घटना में अपंग होने की स्थिति में 10 लाख रुपये का बीमा प्रदान करना शामिल है। इसके अलावा राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों से मवेशियों और आवारा पशुओं को हटाने, चालकों के लिए विश्राम कक्षों की व्यवस्था करने, सड़कों पर चालकों को अनावश्यक रूप से परेशान नहीं करने तथा आवास योजना के तहत मकान निर्माण के लिए 5 लाख रुपये की सहायता राशि उपलब्ध कराने की मांग भी की गई है। साथ ही 1 सितंबर को “ड्राइवर दिवस” घोषित करने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई गई।

छत्तीसगढ़ ड्राइवर महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष पूनम क्षत्रिय ने बताया कि महासंघ की 15 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेश के सभी 33 जिलों में एक साथ आंदोलन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ड्राइवर समाज देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, लेकिन इसके बावजूद चालकों की समस्याओं के समाधान की दिशा में अपेक्षित प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। इसलिए महासंघ चरणबद्ध तरीके से अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने का प्रयास कर रहा है।
महासंघ के पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई कि शासन उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करेगा और जल्द ही ड्राइवरों के हित में आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में चालक, महासंघ के सदस्य और पदाधिकारी मौजूद रहे।

