🔳*तिरंगा नमन, शहीदों के आंगन में ।*,,,,,,,,,,,
,,,,,,,,, तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,,,
🔳*हर घर तिरंगा अभियान के तहत जिला पुलिस एवं प्रशासन ने शहीद परिवारों से की आत्मीय भेंट ।*
बीजापुर,,,,,,,,
🔳स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देशभक्ति एवं राष्ट्रीय गौरव की भावना को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से “हर घर तिरंगा अभियान” के अंतर्गत जिला बीजापुर में जिला पुलिस एवं प्रशासन द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत जिले में निवासरत शहीद परिवारों के घर पहुंचकर पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा शहीद परिजनों से आत्मीय मुलाकात की गई तथा उनके कुशलक्षेम की जानकारी ली गई।
🔳इस दौरान अधिकारियों ने शहीद परिवारों के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उन्हें सम्मानपूर्वक साल एवं श्रीफल भेंट किया। साथ ही शहीद परिवारों को राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा भेंट कर स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने घर में सम्मानपूर्वक तिरंगा फहराने तथा “हर घर तिरंगा” अभियान में सहभागी बनने के लिए प्रेरित किया गया।
🔳अधिकारियों ने शहीद परिजनों से संवाद करते हुए कहा कि देश की सुरक्षा एवं सेवा में अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर शहीदों का योगदान सदैव राष्ट्र के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा। शहीदों के त्याग एवं बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। शहीद परिवार हमारे लिए सम्मान और गौरव का प्रतीक हैं तथा जिला पुलिस एवं प्रशासन सदैव उनके साथ खड़ा है।
*शहीदों के बलिदान को नमन*
🔳 “तिरंगा नमन, शहीदों के आंगन में” अभियान के माध्यम से शहीद परिवारों के घर पहुंचकर तिरंगा भेंट करना केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि शहीदों के प्रति राष्ट्र की कृतज्ञता एवं सम्मान की अभिव्यक्ति है। तिरंगा हमारे देश की एकता, अखंडता, स्वतंत्रता और गौरव का प्रतीक है।
🔳जिला पुलिस द्वारा आम नागरिकों से भी अपील की गई कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने घरों एवं प्रतिष्ठानों में राष्ट्रीय ध्वज को सम्मानपूर्वक फहराएं और “हर घर तिरंगा अभियान” में सक्रिय सहभागिता निभाएं। साथ ही राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा एवं सम्मान का विशेष ध्यान रखते हुए निर्धारित नियमों का पालन करें ।
🔳जिला बीजापुर में “हर घर तिरंगा” अभियान के माध्यम से शहीदों की स्मृति, उनके अदम्य साहस और राष्ट्र के प्रति समर्पण को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास निरंतर जारी है।
*“शहीदों का सम्मान – तिरंगे का अभिमान”*
*“तिरंगा नमन, शहीदों के आंगन में”*

