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*हर-हर महादेव’ के जयकारों से गूंजा मद्देड़ से तीमेड़ तक, 25 किमी नंगे पांव निकली भव्य कांवड़ यात्रा, छाले भी नहीं डिगा सके शिवभक्तों का हौसला* दीपक मरकाम की खबर,,,

*हर-हर महादेव’ के जयकारों से गूंजा मद्देड़ से तीमेड़ तक, 25 किमी नंगे पांव निकली भव्य कांवड़ यात्रा, छाले भी नहीं डिगा सके शिवभक्तों का हौसला* दीपक मरकाम की खबर,,,

 

*बीजापुर,भोपाल पटनम मद्देड़ *

सावन के पावन और पवित्र महीने में बीजापुर जिले का भोपालपटनम ब्लॉक पूरी तरह शिवमय और भक्ति के अलौकिक रंग में रंगा नजर आ रहा है।

देवाधिदेव महादेव की आराधना के इस महापर्व पर पूरे मद्देड़ अंचल में श्रद्धा, संकल्प और समर्पण की अद्भुत त्रिवेणी बह रही है।

इसी कड़ी में 11 अगस्त को ग्राम मद्देड़ स्थित श्री चंद्रमौलेश्वर महादेव मंदिर से तीमेड़ तक एक ऐतिहासिक और अत्यंत कठिन 25 किलोमीटर की पैदल कांवड़ यात्रा निकाली गई।

इस यात्रा में छोटे-छोटे बाल-बालिकाओं से लेकर युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों ने अभूतपूर्व उत्साह के साथ हिस्सा लिया और आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा।

नंगे पांव 25 किमी का सफर, पैरों के छाले भी भक्ति के आगे पड़े फीके,

मद्देड़ से तीमेड़ तक की 25 किलोमीटर लंबी नंगे पांव की इस दुर्गम यात्रा में आस्था का ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसने सभी को भावविभोर कर दिया।

 

लंबी पैदल यात्रा के कारण लगभग सभी कांवड़ियों और श्रद्धालुओं के पैरों में छाले और फफोले पड़ गए थे।

 

कई भक्तों ने पैरों में मोटी पट्टियां बांध रखी थीं, लेकिन महादेव के प्रति निश्छल प्रेम और अटूट विश्वास के आगे उनका हौसला तनिक भी नहीं डिगा।

 

‘बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ के गगनभेदी जयकारों के साथ भक्त देर रात तक कदम बढ़ाते रहे और अंततः पवित्र इंद्रावती नदी के जल से भगवान चंद्रमौलेश्वर शिव शंकर का जलाभिषेक कर यात्रा को पूर्ण किया।

 

भक्ति के आगे थमी बारिश, इंद्रदेव ने भी दिया साथ,

सावन के बरसाती मौसम के बावजूद इस पावन यात्रा में एक अद्भुत संयोग देखने को मिला। यात्रा के आरंभ से लेकर देर रात समापन तक इंद्रदेव भी शांत रहे और तनिक भी बारिश नहीं हुई। मौसम के इस सहयोग और भक्तों के अडिग संकल्प से पूरी यात्रा बिना किसी बाधा के अत्यंत सुगमता और उत्साह के साथ संपन्न हुई।

 

 

क्षेत्र में भक्ति की बयार आयोजकों और क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों ने बताया कि क्षेत्र के प्रमुख धामों—मद्देड़, के भक्ति, श्रद्धा, बोल बम नारा के समन्वय से निकली यह यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि संपूर्ण अंचल की एकजुटता और धार्मिक आस्था का प्रतीक बन गई है।

 

गाँव-गाँव से पहुंचे कांवड़ियों के जत्थों ने पूरे वातावरण को भक्तिरस से सराबोर कर दिया।

 

आयोजन समिति ने इस ऐतिहासिक यात्रा को सफल बनाने के लिए सभी श्रद्धालुओं, माताओं, बहनों और युवाओं का आभार व्यक्त किया है, जिनके संकल्प और भक्ति के बल पर यह कांवड़ यात्रा बीजापुर अंचल के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हो गई।

बोल बम! हर-हर महादेव! ॐ नमः शिवाय!

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