

राहुल भोई महासमुंद..
महासमुंद में नकली और मिलावटी पनीर के खिलाफ प्रशासन ने ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू कर दी है। एनालॉग पनीर के निर्माण की शिकायत के बाद खाद्य एवं औषधि प्रशासन, राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम ने भलेसर स्थित वैद्य फूड्स प्रोडक्ट पर छापामार कार्रवाई की। महासमुंद कलेक्टर के निर्देश पर अपर कलेक्टर की अगुवाई में पहुंची टीम ने मौके से करीब 300 किलो पनीर जब्त कर सील किया है। पनीर के सैंपल जांच के लिए राज्य औषधि प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं। हालांकि शुरुआती कार्रवाई में मौके से एनालॉग पनीर बनाने में इस्तेमाल होने वाली किसी सामग्री की पुष्टि नहीं हुई है। अब प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट से ही साफ होगा कि जब्त किया गया पनीर खाद्य मानकों के अनुरूप है या नहीं।

दरअसल, महासमुंद जिले में नकली और मिलावटी पनीर के निर्माण को लेकर लगातार शिकायतें प्रशासन तक पहुंच रही थीं। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने खाद्य एवं औषधि प्रशासन को जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए। इसी के बाद बीती रात राजस्व, खाद्य एवं औषधि प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने भलेसर रोड स्थित वैद्य फूड्स प्रोडक्ट में दबिश दी।
जांच के दौरान टीम को बड़ी मात्रा में तैयार पनीर मिला। अधिकारियों ने मौके से करीब 300 किलो पनीर जब्त कर उसे सील कर दिया है। पनीर के नमूने जांच के लिए राज्य औषधि प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक जांच रिपोर्ट आने में करीब 14 दिन का समय लग सकता है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह तय होगा कि पनीर में किसी तरह की मिलावट है या यह निर्धारित खाद्य मानकों के मुताबिक तैयार किया गया है।
जानकारी के मुताबिक वैद्य फूड्स प्रोडक्ट का निर्माण कार्य करीब चार महीने से संचालित हो रहा है, जबकि यहां पनीर का उत्पादन पिछले तीन-चार दिनों से ही शुरू किया गया था। प्लांट की पनीर उत्पादन क्षमता करीब एक टन प्रतिदिन बताई जा रही है। ऐसे में इतनी बड़ी क्षमता वाले प्लांट को लेकर सामने आई शिकायतों के बाद प्रशासन ने कार्रवाई को गंभीरता से लिया है।
हालांकि फैक्ट्री संचालक शोभित सिंह ने पनीर में किसी भी तरह की मिलावट किए जाने से साफ इनकार किया है। उनका कहना है कि उनके यहां तैयार किया जा रहा पनीर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार बनाया जा रहा है। वहीं खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अधिकारी उमेश वर्मा, का कहना है कि कार्रवाई के दौरान मौके पर एनालॉग पनीर से संबंधित किसी सामग्री की पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल विभाग ने पनीर के नमूने सुरक्षित कर जांच के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
महत्वपूर्ण बात यह है कि प्रशासन की यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब प्रदेशभर में नकली और मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई तेज की जा रही है। पनीर, दूध, खोवा और अन्य दुग्ध उत्पादों में मिलावट की शिकायतों को लेकर खाद्य विभाग लगातार जांच और सैंपलिंग कर रहा है। त्योहारों और बढ़ती मांग के बीच नकली पनीर के कारोबार को लेकर प्रशासन भी सतर्क नजर आ रहा है।
महासमुंद में हुई इस कार्रवाई के बाद अब निगाहें प्रयोगशाला की रिपोर्ट पर टिकी हैं। करीब 300 किलो जब्त पनीर के नमूनों की जांच के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ होगी। अगर जांच में पनीर मानकों के विपरीत या मिलावटी पाया जाता है तो संबंधित संचालक के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं अगर पनीर मानकों के अनुरूप पाया जाता है तो प्रशासन की कार्रवाई के बाद स्थिति भी स्पष्ट हो जाएगी।
फिलहाल प्रशासन ने जब्त पनीर को सील कर दिया है और नमूने जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। यानी महासमुंद में नकली पनीर की शिकायत पर हुई इस ताबड़तोड़ कार्रवाई का अगला फैसला अब लैब रिपोर्ट करेगी।

