जगदलपुर छत्तीसगढ़ | आम आदमी पार्टी ने बस्तर जिले के जगदलपुर में बंद के दौरान व्यापारियों के साथ हुई बदसलूकी, जबरन दुकानें बंद कराने, डराने-धमकाने और अराजकता फैलाने की घटनाओं की कड़ी निंदा की है। पार्टी ने इन घटनाओं को लोकतंत्र, संविधान और कानून-व्यवस्था पर सीधा हमला बताया है।
आम आदमी पार्टी के नेता समीर खान ने कहा कि बंद अगर किसी मुद्दे पर नैतिक आधार पर होता है, तो उसका समर्थन स्वेच्छा से होना चाहिए। डर, दबाव, गाली-गलौज और गुंडागर्दी के जरिए बंद कराना पूरी तरह असंवैधानिक है। त्योहारों के समय छोटे व्यापारी कर्ज लेकर और मेहनत से अपना स्टॉक तैयार करते हैं। ऐसे समय में जबरन दुकानें बंद कराना सीधे-सीधे व्यापारियों और आम जनता को परेशान करने जैसा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ संगठन बंद के नाम पर कानून अपने हाथ में ले रहे हैं और पुलिस-प्रशासन कई जगहों पर मूकदर्शक बना हुआ है। कुछ मामलों में प्रशासन की निष्क्रियता या अप्रत्यक्ष समर्थन जैसी स्थिति सामने आना बेहद चिंताजनक है।
आम आदमी पार्टी के नेता बल्लू भवानी ने कहा कि बस्तर और कांकेर जैसी संवेदनशील आदिवासी क्षेत्रों में सामाजिक सौहार्द बनाए रखना प्रशासन और सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। बस्तर का आदिवासी समाज वर्षों से जल-जंगल-जमीन की रक्षा के लिए संघर्ष करता आया है, लेकिन आज कुछ ताकतें जानबूझकर यहां का माहौल खराब करने की कोशिश कर रही हैं। यह न केवल व्यापारियों के खिलाफ है, बल्कि बस्तर की शांति और विकास के भी खिलाफ है।
पार्टी ने सवाल उठाया कि जब देश और राज्य—दोनों जगह भाजपा की सरकार है, तो बंद के नाम पर ऐसी अराजकता क्यों फैल रही है? वहीं कांग्रेस द्वारा भी इस पूरे मामले पर चुप्पी साधे रखना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
आम आदमी पार्टी का स्पष्ट कहना है कि बस्तर और कांकेर सभी वर्गों, समुदायों और आस्थाओं का साझा क्षेत्र हैं। धार्मिक या राजनीतिक एजेंडे के तहत सामाजिक माहौल बिगाड़ने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
आम आदमी पार्टी की प्रमुख मांगें:
बंद के नाम पर जबरन दुकानें बंद कराने वालों की निष्पक्ष जांच
दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई
व्यापारियों और आम नागरिकों को पूर्ण सुरक्षा की गारंटी
प्रशासन की निष्पक्ष और सक्रिय भूमिका
सामाजिक व धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने वालों पर कड़ी निगरानी
आम आदमी पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार और प्रशासन ने शीघ्र ठोस कार्रवाई नहीं की, तो पार्टी व्यापारियों, सामाजिक संगठनों और आम जनता के साथ मिलकर राज्य-व्यापी आंदोलन करेगी।

