*ग्रामीणों के द्वारा गायों से भरा ट्रक को पकड़ा मौके से वाहन चालक एवम हेल्पर फरार*,,,,,
,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,
भोपालपटनम बीजापुर जिले के अंतिम अंतर्राज्यीय सीमा इंद्रावती नदी पर बने नाके के पास शनिवार 10 जून 2023 को ग्राम तीमेड के ग्रामीणों के द्वारा अवैध रूप से गौ तस्करी कर रहे 12 चक्का वाहन को पकड़ा गया । ग्रामीणों का इकट्ठा होते देखकर वाहन चालक एवं हेल्पर मौके से फरार होने में कामयाब हो गए। पकड़ा गया वाहन क्रमांक टी एस 12 ub 8200 हैं। बताया जाता है कि दो 12 चक्का वाहनो से गायों को भरकर छत्तीसगढ़ से तेलंगाना हैदराबाद ले जाया जा रहा था। कि इन दोनो वाहनों का अंतराल 25 से 30 किलोमीटर का था। पहला वाहन को महाराष्ट्र के गडचिरोली जिला के असर अली में शक के आधार पर ग्रामीणों ने वाहन को रोककर तलाशी लिया गया। तो देखा कि भारी वाहन में गायों से भरा हुआ था। जिसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई थी जिसकी कार्यवाही की जा रही है और गायों छोड़ दिया गया । जिसकी भनक पीछे निकली वाहन को मिल गया तो उस वाहन के चालक ने छत्तीसगढ़ के इंद्रावती नदी पर बने नाका के पास स्थित हाईवे ढाबा के अंदर की ओर ले जाकर वाहन को छुपा रखा था। संदेहास्पद जगह में वाहन को देखकर ग्रामीणों ने गाड़ी की तलाशी ली जिससे वाहन गायों से खचाखच भरा हुआ था। तत्काल ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी और बंद वाहन से भूखे प्यासे गायों को आजाद कराया। इस भारी वाहन में लगभग 60 गए थे । उसमें तीन गायों का पानी और चारा के अभाव से मृत पाया गया। और एक गंभीर रूप से घायल था। जिसकी उपचार किया जा रहा था। सूचना के आधार पर टीआई भोपालपटनम पवन कुमार वर्मा के द्वारा छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण संशोधन अधिनियम 2011 की धारा 4 6 10 पशु क्रूरता अधिनियम 1960 धारा 11 (1) घ के अंतर्गत कार्रवाई की गई ।वाहन को जप्त कर थाना में लाया गया। और गायों को तीमेड गोठान को सौप दिया गया ।विश्वसनीय सूत्रों से पता चला है कि यह गाय छत्तीसगढ़ के जगदलपुर एवं आसपास के गांव से इकट्ठा कर लाया जा रहा था ।जगदलपुर से भोपालपटनम तक कई नाके पार कर महाराष्ट्र में पकड़ा जाना कहीं ना कहीं सन्देह को जन्म देता है। ज्ञात हो कि पिछली बार भी महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले के पेंट्रीपाका के ग्रामीणों के द्वारा गायों से भरा भारी कंटेनर को पकड़ा था। जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि गौ तस्करों को बहुत बड़े स्तर से संरक्षण मिल रहा होगा ।छत्तीसगढ़ के इतने नाका के पार होकर महाराष्ट्र में गाय पकड़ा जाना कहीं ना कहीं दाल में काला हो सकता है। अंतरराष्ट्रीय नाका मात्र चौकीदार के भरोसे रहता है। वह कोई जिम्मेदार कर्मचारी अपना दायित्व नहीं निभाते नहीं दिखते हैं। जिससे कि आए दिन भोपालपटनम के तीमेड नाका एवं तारलागुडा नाका से छत्तीसगढ़ का बेशकीमती सागौन लकड़ी गौ तस्करी छत्तीसगढ़ का खनिज तस्करी एवम तंबाकू गुड गुटका महुआ पीडीएस का चावल विदेशी शराब का तस्करी धडल्ल से हो रहा है।

