(पीडिया), जिला बीजापुर, छत्तीसगढ़ | 12 अक्टूबर 2026
छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के पीडिया क्षेत्र अंतर्गत कुप्पागुड़ा में 06 अक्टूबर 2025 को स्थापित FOB की प्रथम वर्षगाँठ के उपलक्ष्य में 12 अक्टूबर 2026 को एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्री बी.एस. नेगी, उपमहानिरीक्षक, रेंज बीजापुर द्वारा कैंप परिसर में नवनिर्मित मंदिर का उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन श्री आनंद कुमार, कमांडेंट, 199वीं वाहिनी केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की अगुवाई में संपन्न हुआ।

इस अवसर पर श्री कुमार मनीष कमांडेंट 196 वीं वाहिनी, श्री सरकार राजा रमन कमांडेंट 170 वीं वाहिनी, श्री आर. एस. जांगिड कमांडेंट 168 वीं वाहिनी व श्री उमेश प्रसाद गुप्ता (IPS) पुलिस अधीक्षक जिला बीजापुर के अतिरिक्त 199 वीं वाहिनी के श्री कुमार नीरज द्वितीय कमान अधिकारी, श्री बाबू साहेब उपकमांडेंट, श्री ईश्वर चंद्र शर्मा उपकमांडेंट, श्री जुगल किशोर माहापात्रा सहायक कमांडेंट, श्री त्रिलोचन प्रसाद सहायक कमांडेंट, डॉ. प्रीतेश कनिक चिकित्साधिकारी उपस्थित रहे।
### नक्सल प्रभावित क्षेत्र से विकास और विश्वास की ओर
FOB की स्थापना से पूर्व कुप्पागुड़ा एवं आसपास का क्षेत्र लंबे समय तक नक्सल गतिविधियों से प्रभावित रहा। नक्सलियों के भय और दबाव के कारण स्थानीय ग्रामीणों का सामान्य जनजीवन प्रभावित था। लोगों को स्वतंत्र रूप से आवागमन करने, अपनी आजीविका से जुड़ी गतिविधियाँ संचालित करने तथा शासन-प्रशासन तक अपनी समस्याएँ पहुँचाने में अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। नक्सलियों की धमकियों और उनके प्रभाव के चलते क्षेत्र में भय एवं असुरक्षा का वातावरण बना रहता था, जिससे ग्रामीणों के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता था। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और सुरक्षा संबंधी चुनौतियों के कारण स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, पेयजल, बिजली, सड़क संपर्क तथा विभिन्न सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करना भी कठिन था। परिणामस्वरूप, क्षेत्र के अनेक ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं से वंचित रहकर सीमित संसाधनों के बीच जीवनयापन करने को विवश थे।
ऐसे चुनौतीपूर्ण परिवेश में 06 अक्टूबर 2025 को 199वीं वाहिनी CRPF द्वारा कुप्पागुड़ा में FOB की स्थापना क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने, नक्सल गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने तथा ग्रामीणों के लिए विकास एवं जनकल्याण की संभावनाओं को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।
पिछले एक वर्ष के दौरान 199वीं वाहिनी की निरंतर उपस्थिति, क्षेत्र में परिचालन गतिविधियों तथा स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय के माध्यम से ग्रामीणों में सुरक्षा की भावना मजबूत करने और उन्हें मुख्यधारा की विकास प्रक्रिया से जोड़ने के प्रयास किए गए हैं। आवागमन, पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य सुविधाओं तथा सरकारी योजनाओं से संबंधित आवश्यकताओं को दूर करने की दिशा में भी पहल की गई है। इन प्रयासों से क्षेत्र में सामान्य जनजीवन को बेहतर बनाने तथा ग्रामीणों और सुरक्षा बलों के बीच विश्वास एवं सहयोग को प्रोत्साहित करने में मदद मिली है।
### एक वर्ष में सुरक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ
कुप्पागुड़ा FOB की स्थापना के पश्चात 199वीं वाहिनी CRPF ने क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियानों के साथ-साथ शांति एवं सुरक्षा का वातावरण सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयास किए हैं। बीते एक वर्ष में कैंप के माध्यम से हासिल की गई प्रमुख उपलब्धियाँ निम्नलिखित हैं—
* 70 से अधिक नक्सलियों का आत्मसमर्पण: नक्सलियों को हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित करने तथा आत्मसमर्पण की प्रक्रिया को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई गई।
* 52 नक्सल डंप बरामद: विभिन्न अभियानों के दौरान 500 से अधिक नक्सल सामग्रियाँ बरामद की गईं, जिनमें 12 हथियार, गोला-बारूद, विस्फोटक सामग्री, IED तथा IED निर्माण में प्रयुक्त सामग्री एवं अन्य नक्सल संबंधी सामान शामिल रहे।
* 75 IED की बरामदगी: विभिन्न अभियानों के दौरान सुरक्षा बलों के रास्तों में लगाईं गई व नक्सल डंप से कुल 75 इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) बरामद की गईं, जिससे संभावित विस्फोटक खतरों को निष्क्रिय करने तथा आम नागरिकों एवं सुरक्षा बलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में योगदान मिला।
* 12 नक्सल स्मारकों का ध्वस्तीकरण: क्षेत्र में नक्सल प्रभाव एवं हिंसक गतिविधियों से जुड़े प्रतीकों को हटाने की दिशा में कार्रवाई की गई।
इन उपलब्धियों ने क्षेत्र में नक्सल गतिविधियों पर अंकुश लगाने, संभावित खतरों को कम करने और सुरक्षित वातावरण विकसित करने के प्रयासों को गति प्रदान की है। साथ ही, आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित करने तथा स्थानीय नागरिकों के बीच विश्वास स्थापित करने की पहल ने शांति और सामान्य जनजीवन की बहाली के प्रयासों को बल दिया है।
### सुरक्षा के साथ सेवा और संवेदनशीलता का संकल्प
199 वीं वाहिनी CRPF की भूमिका केवल सुरक्षा एवं परिचालन गतिविधियों तक सीमित नहीं रही है। वाहिनी द्वारा स्थानीय ग्रामीणों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए समय-समय पर सिविक एक्शन प्रोग्राम, चिकित्सा शिविर तथा अन्य जनकल्याणकारी गतिविधियाँ आयोजित की गई हैं।
इन कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीणों को आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने, स्वास्थ्य संबंधी सहायता प्रदान करने तथा सरकारी योजनाओं एवं मूलभूत सुविधाओं तक उनकी पहुँच सुगम बनाने के प्रयास किए गए हैं। जरूरतमंद ग्रामीणों की सहायता, स्थानीय समुदाय के साथ संवाद तथा प्रशासनिक सेवाओं से जुड़ने में सहयोग जैसी पहलों ने सुरक्षा बलों और ग्रामीणों के बीच आपसी विश्वास को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
वाहिनी का उद्देश्य सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ यह सुनिश्चित करना भी रहा है कि क्षेत्र के नागरिक भयमुक्त वातावरण में अपने दैनिक जीवन, आजीविका, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सामाजिक गतिविधियों को आगे बढ़ा सकें।
### प्रथम वर्षगाँठ पर मंदिर का उद्घाटन, चिकित्षा शिविर व भंडारे में ग्रामीणों की सहभागिता ने बढ़ाई कार्यक्रम की गरिमा
इस कार्यक्रम में कुप्पापारा, इंदेडपारा, डोडीतुमनार, गायतापारा, गट्टूपारा, एंड्री, कुवेम, पटेलपारा, मोरुमपारा, मुकापारा, पेदापारा, गोटपल्ली, इरेनार, गदेपारा, लेकमपारा एवं हर्रा सहित आसपास के अनेक गाँवों के 300 से अधिक ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
मंदिर उद्घाटन के पश्चात चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया जिसमें जरूरतमंद ग्रामीणों को आवश्यक दवाइयां वितरित की गई। इसके उपरांत ग्रामीणों के लिए सामुदायिक भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें लोगों ने सहभागिता की। इन गतिविधियों ने ग्रामीणों, सुरक्षा बलों एवं स्थानीय समुदाय के बीच आपसी मेलजोल, सहयोग और सौहार्द को बढ़ावा दिया।
### शांति, सुरक्षा और विकास के लिए निरंतर प्रतिबद्ध
इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्री बी.एस. नेगी, उपमहानिरीक्षक, रेंज बीजापुर ने सैनिक सम्मेलन के दौरान जवानों को संबोधित करते हुए उनके कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन एवं समर्पण की सराहना की। उन्होंने क्षेत्र में शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने के साथ-साथ स्थानीय जनता के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध स्थापित कर जनसेवा एवं विकास कार्यों में निरंतर योगदान देने के लिए जवानों को प्रेरित किया।
कुप्पागुड़ा FOB की प्रथम वर्षगाँठ केवल एक सुरक्षा प्रतिष्ठान की स्थापना के एक वर्ष पूरे होने का अवसर नहीं, बल्कि क्षेत्र में शांति, सुरक्षा, जनविश्वास एवं विकास की दिशा में किए गए सामूहिक प्रयासों को रेखांकित करने का भी अवसर है।
199वीं वाहिनी CRPF द्वारा बीते एक वर्ष में नक्सल विरोधी अभियानों, आत्मसमर्पण को प्रोत्साहित करने, IED व नक्सल डंप की बरामदगी, चिकित्सा सहायता, सिविक एक्शन कार्यक्रमों तथा ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाओं से जोड़ने के प्रयासों के माध्यम से सुरक्षा और जनसेवा के बीच समन्वय स्थापित करने की दिशा में कार्य किया गया है।
वाहिनी भविष्य में भी स्थानीय प्रशासन एवं ग्रामीण समुदाय के साथ समन्वय बनाए रखते हुए क्षेत्र में शांति एवं सुरक्षा को सुदृढ़ करने, जनकल्याणकारी गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा स्थानीय नागरिकों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है।
कुप्पागुड़ा FOB का एक वर्ष सुरक्षा, सेवा, समर्पण और जनविश्वास के उस संकल्प का प्रतीक है, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में भयमुक्त वातावरण स्थापित कर शांति एवं विकास के नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त करना है।

