*अति संवेदनशील बफर वन क्षेत्र गुजाकोंटा में जनसंपर्क के लिए पहुंचे CPI नेता कमलेश झाड़ी, ग्रामीणों ने रखीं बुनियादी विकास की मांगें*,,,,,,,,
,,,,,,,,, तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,
*सड़क, पुल, बिजली, स्वास्थ्य, पेयजल और जमीन के पट्टे की मांग उठी; ग्रामीणों की समस्याओं को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का दिया आश्वासन।*
*बीजापुर*,,,,,,,। जिले के अति संवेदनशील बफर वन क्षेत्र गुजाकोंटा में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के नेता एवं जिला सचिव कमलेश झाड़ी जनसंपर्क के लिए पहुंचे। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से मुलाकात कर क्षेत्र की समस्याओं, बुनियादी सुविधाओं की स्थिति और विकास से जुड़ी आवश्यकताओं पर चर्चा की। जनसंपर्क के दौरान ग्रामीणों ने अपने क्षेत्र में सड़क, पुल-पुलिया, बिजली नेटवर्क, स्वास्थ्य सुविधाओं, स्वच्छ पेयजल तथा जमीन के पट्टे जैसी महत्वपूर्ण मांगों को प्रमुखता से सामने रखा।
ग्रामीणों ने CPI नेता कमलेश झाड़ी के समक्ष क्षेत्र के विकास से जुड़ी अपनी अपेक्षाएं रखते हुए कहा कि बुनियादी सुविधाएं किसी भी गांव और समाज के विकास की आधारशिला होती हैं। सड़क और पुल-पुलिया की बेहतर व्यवस्था नहीं होने से आवागमन प्रभावित होता है। वहीं, बिजली, स्वास्थ्य सेवाओं और स्वच्छ पेयजल जैसी सुविधाओं की उपलब्धता ग्रामीण जीवन के लिए बेहद आवश्यक है। ग्रामीणों ने मांग की कि इन समस्याओं का गंभीरता से संज्ञान लेकर संबंधित विभागों के माध्यम से ठोस पहल की जाए, ताकि क्षेत्र के लोगों को आवश्यक सुविधाएं मिल सकें।
सड़क और पुल-पुलिया के अभाव में विकास प्रभावित होने की चिंता
जनसंपर्क के दौरान ग्रामीणों ने सड़क संपर्क और पुल-पुलिया निर्माण को क्षेत्र की प्रमुख जरूरतों में शामिल किया। उनका कहना था कि गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ने वाली बेहतर सड़क व्यवस्था से आवागमन, आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता और आपातकालीन परिस्थितियों में सहायता प्राप्त करने में सुविधा हो सकती है। ग्रामीणों ने संबंधित प्रशासन से क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक निर्माण कार्यों की योजना बनाने की मांग की।
बिजली, स्वास्थ्य और पेयजल की सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग
ग्रामीणों ने बिजली नेटवर्क के विस्तार और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना जरूरी है, जिससे लोगों को दैनिक जीवन में राहत मिल सके। स्वच्छ पेयजल की नियमित उपलब्धता को भी ग्रामीणों ने महत्वपूर्ण मुद्दा बताया।
ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से आग्रह किया कि क्षेत्र की वास्तविक जरूरतों का आकलन कर संबंधित विभागों के माध्यम से सुविधाओं के विस्तार के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
जमीन के पट्टे का मुद्दा भी उठा
ग्रामीणों ने जमीन के पट्टे से जुड़ी मांग को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से भूमि संबंधी मामलों की जांच कर पात्र लोगों के दावों पर नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की। ग्रामीणों की इस मांग के संदर्भ में भूमि अभिलेखों और लागू नियमों के अनुरूप आवश्यक प्रक्रिया पूरी किए जाने की जरूरत पर जोर दिया गया।
ग्रामीणों से संवाद कर CPI नेता ने दिया आश्वासन
ग्रामीणों से बातचीत के दौरान CPI नेता कमलेश झाड़ी ने कहा कि क्षेत्र के लोगों द्वारा उठाए गए बुनियादी विकास के सवाल महत्वपूर्ण हैं। सड़क, पुल-पुलिया, बिजली, स्वास्थ्य, पेयजल और जमीन के पट्टे जैसे विषयों पर ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। उन्होंने आश्वासन दिया कि इन मुद्दों को प्रशासन के माध्यम से सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा, ताकि संबंधित अधिकारियों का ध्यान क्षेत्र की आवश्यकताओं की ओर आकर्षित हो सके।
कमलेश झाड़ी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों का विकास वहां रहने वाले लोगों की वास्तविक जरूरतों को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए। अति संवेदनशील क्षेत्रों में भी बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता को प्राथमिकता देना आवश्यक है। विकास योजनाओं का लाभ पात्र ग्रामीणों तक पहुंचे और उनकी समस्याओं का समाधान हो, इसके लिए शासन-प्रशासन को समन्वित प्रयास करने चाहिए।
संवेदनशील क्षेत्र में बुनियादी विकास को प्राथमिकता देने की मांग
CPI नेता कमलेश झाड़ी ने कहा कि शासन-प्रशासन को बिना अनावश्यक देरी किए क्षेत्र की बुनियादी जरूरतों का आकलन करना चाहिए और जनहित को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए। ग्रामीणों की समस्याओं को केवल आश्वासनों तक सीमित न रखते हुए उनके समाधान के लिए विभागीय स्तर पर पहल होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि गुजाकोंटा जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों की आवाज संबंधित अधिकारियों और सरकार तक पहुंचना जरूरी है। सड़क, बिजली, स्वास्थ्य, पेयजल और भूमि अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन को ग्रामीणों के साथ संवाद बनाए रखना चाहिए।
CPI की ओर से कहा गया कि गुजाकोंटा क्षेत्र के ग्रामीणों द्वारा उठाई गई मांगों को संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष रखा जाएगा और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े सवालों पर कार्रवाई की मांग की जाएगी।

