मनीष कौशिक
अंबागढ़ चौकी— डाकघर की बचत योजनाओं में राशि जमा करने और निकासी की प्रक्रिया को लेकर क्षेत्र में गंभीर सवाल उठ रहे हैं। एक ओर खाताधारक अब्दुल अमीन सिद्दिकी ने अपनी जमा राशि का हिसाब नहीं मिलने और खाता बंद पाए जाने की शिकायत की है, वहीं दूसरी ओर डाकघर के कुछ एजेंटों की कार्यप्रणाली को लेकर भी अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ताओं ने पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच कर जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।अब्दुल अमीन सिद्दिकी के अनुसार, वह राजेश लाटा को प्रतिदिन पैसा जमा करने के लिए देता था। उसकी पासबुक भी राजेश लाटा के पास रहती थी। वर्ष 2021 में वह अपने खाते की जानकारी प्राप्त नहीं कर सका। वर्ष 2024 में अंबागढ़ चौकी वापस आने के बाद जब उसने अपनी जमा राशि निकालने का प्रयास किया, तब उसे पता चला कि खाता बंद हो चुका है और उसमें जमा राशि निकाली जा चुकी है।शिकायतकर्ता का कहना है कि उसके पास वर्तमान में खाते का नंबर और पासबुक उपलब्ध नहीं है। उसने संबंधित डाकघर में आवेदन देकर खाते का विवरण, जमा राशि तथा निकासी से संबंधित जानकारी प्राप्त करने का प्रयास किया, लेकिन उसके अनुसार उसे बताया गया कि खाता बंद होने के कारण खाता नंबर और स्टेटमेंट उपलब्ध नहीं कराया जा सकता।अब्दुल अमीन को आशंका है कि उसकी जानकारी एवं सहमति के बिना राशि निकाली गई हो सकती है। हालांकि, राशि की वास्तविक स्थिति और निकासी की परिस्थितियाँ संबंधित अभिलेखों की जाँच के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगी।
*एजेंटों की कार्यप्रणाली पर भी उठे सवाल*
क्षेत्र में डाकघर की बचत योजनाओं से जुड़े कुछ एजेंटों की कार्यप्रणाली को लेकर भी शिकायतें सामने आने की बात कही गई है। आरोप है कि कुछ मामलों में लाइसेंस किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर होता है, जबकि ग्राहकों से पैसा वसूलने, डाकघर में जमा करने और अन्य कार्यों को दूसरे व्यक्ति द्वारा किया जाता है। कुछ ग्राहकों की पासबुक एजेंट या अन्य व्यक्तियों के पास रखे जाने की शिकायत भी की गई है।शिकायतकर्ताओं का कहना है कि ऐसी व्यवस्था में खाताधारकों को अपनी जमा राशि, खाते में हुए लेन-देन और शेष रकम की जानकारी प्राप्त करने में परेशानी हो सकती है। इसके अलावा, कुछ एजेंटों द्वारा पैसा निकालने के समय कमीशन मांगे जाने के आरोप भी लगाए गए हैं। इन आरोपों की सत्यता और संबंधित कार्यों की वैधता की जाँच आवश्यक है।
*पुलिस अधीक्षक, थाना और डाकघर में शिकायत*
अब्दुल अमीन सिद्दिकी के अनुसार, उसने थाना अंबागढ़ चौकी, पुलिस अधीक्षक, जिला मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी तथा संबंधित डाकघर में आवेदन प्रस्तुत किए हैं। उसके अनुसार, आवेदन जमा करने की पावती भी प्राप्त की गई है। शिकायत में पुराने खाते का पता लगाने, जमा राशि का विवरण प्राप्त करने, खाता बंद करने के दस्तावेजों की जाँच करने तथा राशि किसने और किन आधारों पर निकाली, इसका पता लगाने की मांग की गई है।
*व्यापारी संघ के अध्यक्ष संजय लाटा ने उठाई जाँच की मांग*
व्यापारी संघ के अध्यक्ष संजय लाटा ने डाकघर की बचत योजनाओं से संबंधित शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग से निष्पक्ष जाँच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि ग्राहकों की मेहनत की कमाई से जुड़े प्रत्येक लेन-देन का स्पष्ट हिसाब होना चाहिए और खाताधारकों को अपने खाते की जानकारी प्राप्त करने में अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए।उन्होंने मांग की कि संबंधित एजेंटों के लाइसेंस, वास्तविक रूप से काम करने वाले व्यक्तियों, ग्राहकों से राशि वसूलने की प्रक्रिया, जमा रसीदों, पासबुक रखने की व्यवस्था तथा निकासी के समय कथित कमीशन मांगने के आरोपों की जाँच कराई जाए। साथ ही, अब्दुल अमीन सिद्दिकी के मामले में संबंधित डाकघर से पुराने खाते के अभिलेख प्राप्त कर जमा राशि और निकासी की पूरी जानकारी सामने लाई जाए।
*शिकायतों पर कार्रवाई की मांग*
शिकायतकर्ताओं ने मांग की है कि संबंधित डाक विभाग के अधिकारी पुराने खातों के अभिलेखों की जाँच करें और ग्राहकों की जमा राशि का स्पष्ट हिसाब उपलब्ध कराएँ। यदि जाँच में धोखाधड़ी, अनधिकृत निकासी अथवा विभागीय नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध कानून एवं नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाए।
अब देखना यह है कि संबंधित पुलिस एवं डाक विभाग इन शिकायतों पर क्या कार्रवाई करते हैं और अब्दुल अमीन
सिद्धिकी की जमा राशि के संबंध में वास्तविक स्थिति कब स्पष्ट होती है।
*संजय लाटा, अध्यक्ष, व्यापारी संघ, अंबागढ़ चौकी*

