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*संविलियन की तर्ज़ पर फिर एक होंगे शिक्षक, TET अध्यादेश और पुरानी पेंशन के लिए लड़ी जाएगी आर-पार की लड़ाई,,*

*संविलियन की तर्ज़ पर फिर एक होंगे शिक्षक, TET अध्यादेश और पुरानी पेंशन के लिए लड़ी जाएगी आर-पार की लड़ाई,,*

बीजापुर 21 सितम्बर 2026,

बीजापुर :: देशभर के 25 लाख शिक्षकों के भविष्य, पुरानी पेंशन (OPS) और वेतन विसंगति जैसे ज्वलंत मुद्दों को लेकर ‘सर्व शिक्षक संघ’ ने बीजापुर में एक ऐतिहासिक शुरुआत की है।

संघ के सह-संचालक कैलाश रामटेके द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 19 सितंबर 2026 को बीजापुर जिले के सभी शिक्षक संगठनों ने एकजुट होकर पूर्व मंत्री छत्तीसगढ़ शासन महेश गागड़ा, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष जी. वेंकट और भाजपा जिलाध्यक्ष घासीराम नाग को एक साझा ज्ञापन सौंपा।

पूर्व मंत्री ने तुरंत संज्ञान लेकर PMO भेजा ज्ञापन
ज्ञापन सौंपने के दौरान पूर्व मंत्री महेश गागड़ा ने सभी प्रतिनिधिमंडलों से परिचय प्राप्त किया और मुद्दे की गंभीरता को देखते हुए ज्ञापन को त्वरित संज्ञान लेते हुए सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को प्रेषित कर दिया।

शिक्षकों की मांगों का समर्थन करते हुए पूर्व मंत्री ने कहा, “आप सभी संगठन मिलकर प्रदेश के समस्त सांसदों के माध्यम से माननीय प्रधानमंत्री जी को पत्र प्रेषित कराएं।

संसद से अध्यादेश (Ordinance) लाने की प्रक्रिया में इससे काफी सरलता होगी।”

“विभागीय TET का मुद्दा छोड़ें, अध्यादेश के लिए एक हों”: सर्व शिक्षक संघ की अपील
सर्व शिक्षक संघ ने प्रदेश के सभी शिक्षक संगठनों से भावुक और क्रांतिकारी अपील की है कि वे विभागीय TET के उलझाव को छोड़कर केंद्र सरकार द्वारा ‘टीईटी अध्यादेश’ पास कराने के लिए सांसदों को ज्ञापन सौंपने का अभियान शुरू करें।

संघ का मानना है कि यदि संसद से अध्यादेश लागू होकर कानून बन जाता है, तो किसी पृथक विभागीय परीक्षा की आवश्यकता ही नहीं रहेगी।

संघ ने मांग रखी है कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) वर्ष 2010 में लागू हुआ था, इसलिए TET संबंधी नियमों को 2010 से या छत्तीसगढ़ राज्य में राजपत्र लागू होने की तिथि से ही प्रभावशील किया जाए।
प्रमुख मांगें:
TET पर राष्ट्रीय अध्यादेश: RTE 2010 लागू होने की तिथि से ही TET की व्यवस्था को पूरे देश में नियमबद्ध/शिथिल करते हुए अध्यादेश लाया जाए।

पुरानी पेंशन योजना (OPS): शिक्षकों के सुरक्षित भविष्य के लिए पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल की जाए।

वेतन विसंगति एवं पदोन्नति: वर्षों से लंबित पदोन्नति और वेतन विसंगति का तुरंत न्यायसंगत समाधान हो।

शिक्षकों ने कहा— “संविलियन की तरह फिर मिलेगी सफलता”
ज्ञापन सौंपने पहुंचे शिक्षक नेताओं ने हुंकार भरते हुए कहा कि ‘शिक्षक एकता जिंदाबाद’ के नारे को अब धरातल पर सार्थक करने का समय आ गया है। जिस तरह बीजापुर और पूरे प्रदेश के शिक्षकों ने एकजुट होकर ऐतिहासिक ‘संविलियन’ का अधिकार हासिल किया था, ठीक उसी तर्ज़ पर इस साझा लड़ाई में भी जीत तय है।
ज्ञापन सौंपने में ये प्रमुख पदाधिकारी रहे शामिल:
छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ: मोहम्मद जाकिर खान, जगबंधु मांझी।

सहायक शिक्षक फेडरेशन: राजेश मिश्रा, मोहशीन खान, ओनेश्वर झाड़ी, समैया कावरे, भूपत नक्का, नागेश गुरला, लछिन्दर हेमला, दिनेश कोलमुल।

छत्तीसगढ़ शालेय शिक्षक संघ: प्रहलाद जैन, वसीम खान, विजय चापड़ी, योगेश वासम, महादेव चापा, संजय चितुर, महेंद्र काशी, अरुण सिंह, मनोज कावटी।

महिला प्रतिनिधि: कमल रंजीता, उर्मिला लकड़ा, संगीता पुजारी, सरस्वती नुरेटी सहित बड़ी संख्या में शिक्षक प्रतिनिधि उपस्थित थे।

 

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