*बीजापुर में महार समाज महिला मोर्चा की नई कार्यकारिणी गठित, सत्या गांधरला बनीं अध्यक्ष*
बीजापुर 21 सितम्बर 2026
बीजापुर ::; बीजापुर स्थित डॉ. आंबेडकर मंगल भवन में रविवार, 20 सितंबर 2026 को महार समाज महिला मोर्चा की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिले के चारों विकासखंडों की महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस दौरान सर्वसम्मति से समाज के महिला मोर्चा की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया।
बाबा साहेब के तैलचित्र पर माल्यार्पण से हुई शुरुआत
कार्यक्रम का शुभारंभ समाज के मसीहा परम पूज्य भारत रत्न डॉ. बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर जी के छायाचित्र पर दीप प्रज्वलन एवं पूजा-अर्चना के साथ हुआ।
मनोनयन प्रक्रिया से पूर्व महार समाज के वरिष्ठ संरक्षकों और पदाधिकारियों—डी.एस. राम, डी. नागेश्वर, जी. मल्लाराम, आर.डी. झाड़ी, जय हिंद लाटकर, मल्लैया दुर्गम, प्रकाश कावरे, राजेंद्र झाड़ी, जे. चिन्नना, देवेंद्र झाड़ी एवं कैलाश रामटेके ने उपस्थित सदस्यों और महिलाओं को संबोधित किया। सभी वक्ताओं ने समाज में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और संगठन को मजबूत करने पर अपने सारगर्भित विचार व्यक्त किए।
नव-गठित कार्यकारिणी में इन्हें मिली जिम्मेदारी:
अध्यक्ष: श्रीमती सत्या गांधरला
उपाध्यक्ष: श्रीमती राधा झाड़ी जुमड़े, श्रीमती रमा मोरला, श्रीमती रामजया मरकेला एवं सुश्री सम्मका पाटनकर
सचिव: श्रीमती लक्ष्मी वैद्य
सह-सचिव: उर्मिला दुर्गम, सुशीला सुन्नम, कृष्णावेणी जंगम एवं रुचि झाड़ी
संगठन सचिव: श्रीमती लालेश्वरी दुर्गम (सह-संगठन सचिव: श्रीमती किष्टी बाई झाड़ी)
कोषाध्यक्ष: श्रीमती सुनीता गांधरला
उप-कोषाध्यक्ष: श्रीमती कमला झाड़ी, सुमित्रा केजी एवं कुम्मर सुनीता
पूर्व पदाधिकारियों को सौंपी गई संरक्षक की कमान
महिला मोर्चा की निवर्तमान/पुराने पदाधिकारियों—श्रीमती दुर्गेश्वरी रामटेके, श्रीमती मीना दुर्गम, श्रीमती विंकी मोरला और श्रीमती सुशीला जुमड़े को समाज हित में उनके उत्कृष्ट योगदान को देखते हुए नई कार्यकारिणी में संरक्षक का दायित्व सौंपा गया है।
समाज उत्थान के लिए काम करने का आह्वान
कार्यक्रम का सफल संचालन समाज के सचिव के.डी. झाड़ी ने किया। नव-मनोनीत पदाधिकारियों को समाज के वरिष्ठ जनों और सदस्यों ने बधाई एवं शुभकामनाएं दीं तथा समाज के उत्थान और सशक्तिकरण के लिए एकजुट होकर कार्य करने हेतु प्रेरित किया।
इस आयोजन को सफल बनाने में समाज के कार्यकारी अध्यक्ष अजय दुर्गम, प्रकाश कावरे, बसंत मामडीकर, सतीश झाड़ी, डी. सुबैया, निर्मल जुमड़े, विजय झाड़ी, विहान दुर्गम, बापू राम दुर्गम, रामकुमार दुधी और थैलेश झाड़ी सहित बड़ी संख्या में समाज जनों ने अपना सक्रिय योगदान दिया।

