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*आदिवासी भूमि का गैर आदिवासीकरण का, एक और कुटिल प्रयास *,,,,,,,,,,*दीपक मरकाम की रिपोर्ट*

*आदिवासी भूमि का गैर आदिवासीकरण का, एक और कुटिल प्रयास *,,,,,,,,,,*दीपक मरकाम की रिपोर्ट*

जांजगीर-चांपा :::::::: ग्राम पतेरापाली, सक्ती जिला जांजगीर-चाम्पा के श्री दिलदार सिदार पिता जयलाल अपनी ग्राम बोदरी, चकरभाठा जिला बिलासपुर में स्थित खसरा न. ७०६/२९ रकबा 0.51 एकड़ भूमि को इक्कीस लाख ग्यारह हजार रूपये में एक गैर आदिवासी को महावीर प्रसाद ओझा (शर्मा) निवासी कस्तूरबा नगर बिलासपुर के पास विक्रय करना चाहते हैं ।

सौदे का दो लाख ग्यारह हजार रूपये बयाना के रूप में प्राप्त किया जाना बताया गया है ।

भूमि विक्रय के वजह बच्चों के शिक्षा एवं अन्य कार्य के लिए रकम की आवश्यकता बताते हुए कलेक्टर से अनुमति के लिए आवेदन किया गया है ।

सर्व आदिवासी समाज के सजग युवा कार्यकर्ताओं ने अपने पड़ताल में कुछ तथ्य प्राप्त किये हैं जो सबके लिए जानने योग्य है ।

हमारे एक एनटीपीसी के सेवानिवृत्त मित्र का ससुराल ग्राम पतेरापाली में है।

उनसे बात करने से यह पता चला कि श्री दिलदार सिदार उनके ससुराल परिवार से ही हैं ।

मित्र महोदय ने समाज के लिए स्वयं दिलदार जी के घर जाकर उनसे मोबाईल पर बात करायी।

यह ज्ञात हुआ कि उक्त भूमि के अतिरिक्त और भी भूमि उनके नाम पर एक सेठ जी ने लिया है।

उनके और परिवार के अन्य सदस्य के नाम पर एक से अधिक पेट्रोल पम्प भी चल रहा है।

सिदार जी पेट्रोल पम्प के कर्मचारी है जिस गैर आदिवासी को भूमि विक्रय अनुमति के लिए आवेदन किया गया है वह भी पेट्रोल पंप का कर्मचारी है।

उन्होंने यह भी बताया की ऐसी परिसंपत्तियां अन्य सगाजनो के नाम पर भी है और सर्वविदित है।

हमारे समझाने पर या किसी अन्य आशंका की वजह से उन्होंने अब ऐसा नहीं करने का आश्वासन दिया।

यह गैर आदिवासियों द्वारा आदिवासियों के गरीबी अथवा आकस्मिक आर्थिक मज़बूरी का फायदा उठाते हुए उनके जमीन को अन्य आदिवासी के नाम खरीदना और उचित समय पर प्रशासनिक मिलीभगत से अपने नाम पर खरीदी दिखाकर नामंतरण कराना चिर परिचित हथकंडा है।

ऐसे समाजिक मसलों पर हमें क्या और कैसे पहल करना चाहिए ताकि हम अपना जल-जंगल जमीन बचा सकें, अपनी आदिवासियत संरक्षित रख सकें, इस विषय पर सामाजिक चिंतन – मनन की नितांत आवश्यकता है ।

खैर.. तहसीलदार बोदरी के न्यायालय में विभिन्न बिन्दुओं पर जानकारी माँगते हुये सर्व आदिवासी समाज के अतिरिक्त कंवर समाज, उरांव समाज तथा खैरवार समाज की और से औपचारिक आपति दर्ज कर दी गयी है ।

आपत्ति दर्ज करने वालों में जिला अध्यक्ष के साथ रहे सर्व श्री महासिंह नेताम ब्लाक अध्यक्ष युवा प्र. बिल्हा (द), धन्नू नेताम ब्लाक संगठन मंत्री युवा प्र. बिल्हा (द), करन मरावी सदस्य, मनीराम कँवर कार्यकारी अध्यक्ष कँवर समाज विकास समिति बिलासपुर, देव सिंह कँवर सहसचिव कँवर समाज विकास समिति बिलासपुर, सुरेन्द्र कुमार सिंह – कँवर सामाजिक कार्यकर्ता, केशव पैकरा, तरुण पैकरा, मनोज भगत अध्यक्ष युआ प्र. उरांव समाज, अमृत लाल मरावी अध्यक्ष युवा प्रभाग सीपत परिक्षेत्र, राजेन्द्र सिंह मरकाम जिला उपाध्यक्ष छत्तीसगढ़ गोंडवाना गोंड महा सभा बिलासपुर, बद्री खैरवार संगठन मंत्री युवा प्र. रामबनवास जगत गोंड सामाजिक कार्यकर्ता तखतपुर परिक्षेत्र है ।

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