* उफनती नंदनी नदी और नाला बने ग्रामीणों के लिए काल, टिकनपाल के तीन वार्डों के 100 परिवार घरों में कैद* हर्ष कुमार ताती की रिपोर्ट*
कुआकोंडा (दंतेवाड़ा):
दंतेवाड़ा जिले की कुआकोंडा तहसील अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत टिकनपाल में उफनती नंदनी नदी और नाला ग्रामीणों के लिए बड़ी आफत बन चुकी हैं।
लगातार हो रही बारिश से नदी का जलस्तर अचानक बढ़ जाने के कारण कोलापारा, डुमापारा और मुंदरापारा जैसे इलाके पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं।
इस वजह से करीब 100 से अधिक परिवारों का संपर्क तहसील मुख्यालय से कट गया है और ग्रामीण अपने ही घरों में कैद होने को मजबूर हैं।
एक दिन पहले नदी पार करते समय ग्रामीण की डूबने से मौत,
क्षेत्र में सुरक्षा का कोई साधन न होने से ग्रामीणों में शासन-प्रशासन के खिलाफ गहरा आक्रोश है।
ठीक एक दिन पहले गायतापारा में इसी उफनती नदी को पार करने के दौरान एक ग्रामीण की पानी में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई थी।
इस दुखद हादसे के बाद भी कोई प्रशासनिक सुध न लिए जाने से स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा व्याप्त है।
रोजमर्रा के राशन और मजदूरी के लिए जान जोखिम में कोलापारा, डुमापारा और मुंदरापारा के ग्रामीण रोजाना कुली-मजदूरी, राशन और जरूरी सामान के लिए तहसील मुख्यालय आवागमन करते हैं।
पक्का पुल या सुरक्षित रास्ता न होने के कारण महिलाओं, पुरुषों और बच्चों को अपनी जान जोखिम में डालकर उफनते नाले और नदी को पार करना पड़ता है।
हर साल बरसात के दिनों में यही जानलेवा स्थिति निर्मित होती है।
चुनाव बीतते ही हवा हो जाते हैं जनप्रतिनिधियों के वादे
स्थानीय नागरिकों ने रोष व्यक्त करते हुए बताया कि चुनाव के समय बड़े-बड़े नेता और जनप्रतिनिधि गांव पहुंचते हैं और नदी पर पक्का पुल बनवाने का झूंठा आश्वासन देकर चले जाते हैं।
चुनाव खत्म होते ही सारे वादे हैं ठंडे बस्ते में चले जाते हैं। आज तक धरातल पर पुल निर्माण की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिसका खामियाजा अब निर्दोष ग्रामीणों को अपनी जान देकर भुगतना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल पक्के पुल के निर्माण और राहत कार्य की मांग की है।

