मनीष कौशिक
अंबागढ़ चौकी तिरपेमेटा— गांव में विकास की तस्वीर इन दिनों सवालों के घेरे में है। नौनिहालों के लिए नया आंगनबाड़ी भवन बनकर तैयार है, लेकिन इसके बावजूद केंद्र का संचालन अब भी ग्राम पंचायत भवन के भीतर ही किया जा रहा है। ऐसे में ग्रामीणों के बीच सवाल उठ रहा है कि जब भवन तैयार है तो आखिर उसमें बच्चों की पढ़ाई और आंगनबाड़ी गतिविधियां शुरू क्यों नहीं हो रही हैं?मामला यहीं खत्म नहीं होता। ग्राम पंचायत भवन के सामने बनी पानी टंकी के नीचे बड़े-बड़े गड्ढे खुले पड़े हैं। बच्चों की आवाजाही वाले परिसर में इस तरह खुले गड्ढों का होना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि किसी हादसे के बाद जागने से बेहतर है कि जिम्मेदार तंत्र समय रहते खतरे को दूर करे।

भवन खड़ा, लेकिन उपयोग का इंतजार!
नवनिर्मित आंगनबाड़ी भवन तैयार होने के बावजूद उसका संचालन शुरू नहीं होना व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करता है। आखिर किस स्तर पर प्रक्रिया अटकी हुई है? क्या भवन हैंडओवर नहीं हुआ, जरूरी औपचारिकताएं अधूरी हैं या फिर जिम्मेदारों की प्राथमिकता में यह मामला पीछे छूट गया है?

खुले गड्ढे दे रहे हादसे को न्योता?
पानी टंकी के नीचे बने गड्ढे लंबे समय से खुले पड़े हैं तो उनकी सुरक्षा के लिए घेराबंदी या भराव क्यों नहीं कराया गया? खासकर तब, जब आसपास छोटे बच्चों की नियमित आवाजाही होती है। ग्रामीणों का कहना है कि सुरक्षा के मामले में लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए।

ग्रामीणों की मांग—अब आश्वासन नहीं, कार्रवाई चाहिए
ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और पंचायत प्रशासन से तत्काल मौके का निरीक्षण कराने, खुले गड्ढों को भरवाने अथवा सुरक्षित घेराबंदी कराने तथा नवनिर्मित आंगनबाड़ी भवन का संचालन जल्द शुरू कराने की मांग की है।तिरपेमेटा में सवाल अब सीधा है जब भवन बनकर तैयार है तो बच्चे पुराने परिसर में क्यों बैठें? और जब खतरा सामने है तो उसे हटाने के लिए किसी अनहोनी का इंतजार क्यों?भवन तैयार है, बच्चे तैयार हैं… अब जिम्मेदार तंत्र कब तैयार होगा? यही सवाल ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।

