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🔳 *नक्सल मुक्त बीजापुर में पहली बार 33 गांवों में लहराया तिरंगा ।*,,,,,,,,,, ,,,,,,,,,,,,,,, तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,

🔳 *नक्सल मुक्त बीजापुर में पहली बार 33 गांवों में लहराया तिरंगा ।*,,,,,,,,,,

,,,,,,,,,,,,,,, तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,

🔳 *स्वतंत्रता दिवस पर 33 गांवों में हुआ राष्ट्रीय ध्वज का आरोहण, राष्ट्रप्रेम और लोकतांत्रिक चेतना का दिखा उत्सव ।*

बीजापुर,,,,,,,,
🔳 स्वतंत्रता दिवस का 15 अगस्त 2026 बीजापुर जिले के लिए ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण अवसर बन गया। नक्सल हिंसा के प्रभाव से बाहर निकलकर शांति, विकास और लोकतंत्र की राह पर आगे बढ़ रहे जिले के 33 गांवों में आज पहली बार राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा शान से फहराया गया। इन गांवों में तिरंगे का आरोहण केवल स्वतंत्रता दिवस का आयोजन नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूत होती जड़ों, राष्ट्रीय एकता, शांति और विकास की नई शुरुआत का प्रतीक बना।

🔳 जिले के चारों विकासखंडों के इन गांवों में पहली बार तिरंगा फहराए जाने को लेकर ग्रामीणों में विशेष उत्साह और गर्व का वातावरण देखने को मिला। लंबे समय तक नक्सल हिंसा और भय के प्रभाव में रहे इन दूरस्थ क्षेत्रों में अब शासन की पहुंच, सुरक्षा, विकास कार्यों तथा लोकतांत्रिक गतिविधियों का विस्तार हो रहा है। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर गांवों में राष्ट्रीय ध्वज का सम्मानपूर्वक आरोहण इसी सकारात्मक बदलाव की महत्वपूर्ण तस्वीर प्रस्तुत करता है।

🔳 बीजापुर विकासखंड के 06 गांवों में पहली बार फहराया गया तिरंगा
बीजापुर विकासखंड के लेण्ड्रा, अण्ड्री, एड्समेटा, पेद्दापाल, कचिलवार एवं मोसला गांवों में आज पहली बार स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित कर राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक कार्यक्रमों में सहभागिता की और राष्ट्रगान के साथ देशभक्ति की भावना को अभिव्यक्त किया।

🔳 भैरमगढ़ के 15 गांवों में गूंजा राष्ट्रगान
भैरमगढ़ विकासखंड के बीराभट्टी, परकेली, पोनड़वाया, तुमीरगुण्डा, जारवा, गुण्डापुरी, आदवाड़ा, दामाराम, मुक्कावेली, झिल्ली, मार्रामेटा, एहकेली, पल्लेवाया, डोडूम एवं कड़मेर गांवों में पहली बार राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया।

🔳 भोपालपटनम के 07 और उसूर के 05 गांवों में भी शान से लहराया तिरंगा
भोपालपटनम विकासखंड के सेण्ड्रा, पालसेगुण्डी, नीलमड़गू, बंदेपारा, कोरंजेड़, कचलारम एवं मरीमल्ला गांवों में भी आज पहली बार राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया।
इसी प्रकार उसूर विकासखंड के कस्तूरपाड़, चिन्ना उटलापल्ली, पेद्दा उटलापल्ली, एड़ापल्ली एवं बोटेलंका गांव भी इस ऐतिहासिक अवसर के साक्षी बने। गांवों में तिरंगा फहराए जाने के साथ ही ग्रामीणों में उत्साह और देशभक्ति का वातावरण दिखाई दिया।

🔳 तिरंगा बना शांति, विकास और विश्वास का प्रतीक
इन गांवों में पहली बार राष्ट्रीय ध्वज का आरोहण शासन और ग्रामीणों के बीच बढ़ते विश्वास तथा क्षेत्र में स्थापित हो रही शांति का सशक्त प्रतीक है। तिरंगे की छांव में ग्रामीण अब अपने बच्चों के बेहतर भविष्य, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और विकास की नई उम्मीदों के साथ आगे बढ़ रहे हैं।
आज जब इन दूरस्थ गांवों में तिरंगा शान से लहराया, तो यह दृश्य केवल स्वतंत्रता दिवस के उत्सव तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बीजापुर में लोकतंत्र की मजबूत होती जड़ों, नक्सलवाद से मुक्ति, शांति की स्थापना और विकास की ओर बढ़ते कदमों का संदेश बन गया।

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