* सड़क दुर्घटना पीड़ितों की मदद के लिए अंतर-विभागीय समन्वय पर जोर*
* प्रधानमंत्री राहत सड़क दुर्घटना योजना व ईडीएआर प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु बस्तर संभाग में संभाग स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित*
जगदलपुर, बस्तर संभाग
सड़क दुर्घटना पीड़ितों को समयबद्ध चिकित्सा सहायता और राहत प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है।
कलेक्टर एवं जिला सड़क सुरक्षा समिति के अध्यक्ष श्री आकाश छिकारा के मार्गदर्शन में परिवहन विभाग द्वारा ‘प्रधानमंत्री राहत सड़क दुर्घटना योजना’ एवं ई डी एआर यथा इलेक्ट्रॉनिक विस्तृत दुर्घटना रिपोर्ट प्रणाली’ के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु संभाग स्तरीय एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन शुक्रवार को कलेक्टोरेट के प्रेरणा कक्ष में किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ अपर कलेक्टर श्री सीपी बघेल द्वारा किया गया। इस वृहद प्रशिक्षण में पुलिस, परिवहन, स्वास्थ्य एवं एनआईसी विभाग के आला अधिकारी तथा विभिन्न हितधारक शामिल हुए।
प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों ने योजना के प्रभावी अमल और अंतर-विभागीय समन्वय पर विशेष बल दिया।
अपर कलेक्टर श्री सीपी बघेल ने योजना के मूल उद्देश्यों और महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि सड़क दुर्घटना पीड़ितों को समय पर इलाज और राहत पहुंचाना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध कार्य करने के निर्देश दिए ताकि पात्र हितग्राहियों को अविलंब लाभ मिल सके।
इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक श्री शलभ सिन्हा ने दुर्घटना मामलों में त्वरित पुलिस कार्रवाई, पारदर्शी सत्यापन तथा ई डी एआर पोर्टल पर सही व समयबद्ध डेटा प्रविष्टि को अनिवार्य बताते हुए सभी से एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया।
तकनीकी सत्र के दौरान राज्य एनआईसी के ई डी एआर स्टेट रोलआउट मैनेजर द्वारा प्रतिभागियों को ऑनलाइन मॉड्यूल के संचालन, विभिन्न विभागों की सटीक भूमिकाओं तथा प्रकरणों के त्वरित एवं पारदर्शी निष्पादन की विस्तृत जानकारी दी गई।
इस दौरान उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की तकनीकी व प्रक्रियागत शंकाओं का मौके पर ही समाधान किया गया।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक श्री शलभ सिन्हा, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी श्री डीसी बंजारे, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, उप पुलिस अधीक्षक (ट्रैफिक), थाना प्रभारी, बस्तर संभाग के सभी जिलों के जिला सूचना अधिकारी (एनआईसी), ई डी एआर जिला रोलआउट मैनेजर, आयुष्मान, हॉस्पिटल कंसलटेंट व कोऑर्डिनेटर उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में सभी विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने समन्वित प्रयासों के माध्यम से प्रधानमंत्री राहत सड़क दुर्घटना योजना और ई डी एआर प्रणाली का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा पीड़ितों को त्वरित, पारदर्शी व गुणवत्तापूर्ण सहायता उपलब्ध कराने का सामूहिक निर्णय लिया गया।

