मनीष कौशिक
मोहला–एक ओर अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था की चुनौती, दूसरी ओर प्रकृति के प्रति गहरा लगाव। इन दोनों जिम्मेदारियों को बखूबी निभाते हुए पुलिस निरीक्षक संजय कुमार यादव ने यह साबित कर दिया है कि जनसेवा केवल वर्दी तक सीमित नहीं होती, बल्कि समाज और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभाना भी उसका अहम हिस्सा है।जनवरी 2025 से मई 2026 तक थाना खड़गांव के प्रभारी रहते हुए निरीक्षक संजय कुमार यादव ने पुलिसिंग के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी अपना मिशन बना लिया। जिले में बरगद और पीपल जैसे जीवनदायी वृक्षों के पौधे उपलब्ध नहीं होने पर उन्होंने स्वयं दुर्ग की नर्सरी से लगभग 20 पौधे मंगवाए और राष्ट्रीय राजमार्ग-930 के किनारे, तालाबों के पार तथा अन्य सार्वजनिक स्थलों पर उनका रोपण कराया।खास बात यह रही कि यह अभियान केवल फोटो खिंचवाने तक सीमित नहीं रहा। पौधों को जीवित रखने और सुरक्षित करने के लिए थाना स्टाफ की मदद से प्रत्येक पौधे के चारों ओर मजबूत सुरक्षा घेरा तैयार कराया गया। हर सप्ताह पौधों को पानी दिया गया, खाद डाली गई और उनकी नियमित निगरानी की गई। यही वजह है कि आज ये पौधे स्वस्थ होकर बढ़ रहे हैं और आने वाले वर्षों में विशाल वृक्ष बनकर क्षेत्र को छाया और स्वच्छ वातावरण प्रदान करेंगे।निरीक्षक यादव ने पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की दिशा में भी लगातार प्रयास किए। उन्होंने थाना स्टाफ, ग्रामीणों, स्कूली बच्चों और युवाओं को पौधारोपण के लिए प्रेरित किया तथा उन्हें यह संदेश दिया कि “पेड़ लगाना जितना जरूरी है, उससे कहीं ज्यादा जरूरी उसकी देखभाल करना है।”अब थाना सीतागांव का प्रभार संभालने के बाद भी उनका यह हरित अभियान जारी रहेगा। वे यहां भी पौधारोपण, पर्यावरण संरक्षण और जनजागरूकता के कार्यों को नई गति देने की तैयारी में हैं।आज जब जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण संकट पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय बना हुआ है, तब एक पुलिस अधिकारी का पौधों को अपने बच्चों की तरह सहेजना और उनकी रक्षा के लिए लगातार प्रयास करना समाज के लिए एक प्रेरक उदाहरण है।

