मनीष कौशिक
मोहला—कभी-कभी किसी छोटी पहल का असर बहुत गहरा होता है। आज थाना सीतागांव क्षेत्र के ग्राम पीटेमेटा और ग्राम पंचायत हलोरा में ऐसा ही दृश्य देखने को मिला जहाँ पुलिस वर्दी सिर्फ कानून का प्रतीक नहीं, बल्कि एक मित्र,मार्गदर्शक, और रक्षक के रूप में दिखाई दी। सामुदायिक पुलिसिंग कार्यक्रम ने दूरस्थ अंचल के ग्रामीणों के दिलों में विश्वास की नई किरण जगाई।
*जब बच्चे मुस्कुराए पहाड़ों के बीच खुशियों की गूंज उठी*
कार्यक्रम के दौरान सीतागांव थाना प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार यादव स्वयं बच्चों के बीच पहुंचे।जब उन्होंने अपने हाथों से छोटे-छोटे बच्चों को बैट, बॉल और स्टंप भेंट किए, तो दूर सन्नाटे वाले इस गांव में बच्चों की हंसी ऐसी गूंजी जैसे बरसों बाद कोई त्योहार आया हो कुछ बच्चों ने बल्ला हाथ में लेते ही ऐसे झटके से हवा में घुमाया, मानो उनके सपनों को आज पंख मिल गए हों ग्रामीणों की आंखों में भी वह चमक साफ़ दिखाई दे रही थी क्योंकि आज पुलिस उनके द्वार दोस्त बनकर आई थी।
*साइबर अपराध पर सशक्त संदेश: “हम जागरूक हैं, हम सुरक्षित हैं”*
पुलिस टीम ने ग्रामीणों और बच्चों को बेहद सरल भाषा में साइबर अपराधों की दुनिया समझाई फर्जी कॉल, ऑनलाइन ठगी, ओटीपी शेयर करने का खतरा, सोशल मीडिया पर छिपे जोखिम हर बात ऐसे बताई गई कि ग्रामीण तुरंत समझ सकें और तुरंत सावधान भी हो जाएं।पुलिस ने कहा“किसी भी ठगी की स्थिति में डरो मत, 1930 पर कॉल करो… हम आपके साथ खड़े हैं।”यह बात सुनकर कई ग्रामीणों में राहत का भाव देखने को मिला, मानो किसी ने उनके डर के बोझ को हल्का कर दिया हो।
*नशा मुक्ति: युवाओं के सपनों को बचाने की भावुक अपील*
नशा मुक्ति सत्र के दौरान पुलिस अधिकारियों ने युवाओं और ग्रामीणों से सीधे दिल को छू लेने वाली बातें कीं कि कैसे नशा केवल शरीर नहीं, बल्कि परिवार की खुशियों को बच्चों के भविष्य को और माता-पिता की उम्मीदों को धीरे-धीरे खा जाता है।एक क्षण ऐसा भी आया जब पुलिस अधिकारी ने कुछ बच्चों की ओर इशारा करते हुए कहा “इनकी आंखों में जो चमक है… इन्हें कभी नशे की आग के करीब मत जाने देना।”ग्रामीण सिर हिलाते रहे माहौल भावुक हो उठा।
*महिला सुरक्षा: भरोसे की दीवार और मजबूत हुई*
महिलाओं और किशोरियों को उनके अधिकार, सुरक्षा उपाय और अपराध की स्थिति में मदद के रास्ते समझाए गए पुलिस ने साफ कहा“आप अकेली नहीं हैं। कोई समस्या हो तो तुरंत हमसे संपर्क करें हम आपके लिए हैं।”कई महिलाओं ने पहली बार इतने सहज माहौल में अपने सवाल पूछे।
*गांव का पूरा परिवार बना कार्यक्रम का हिस्सा*
इस कार्यक्रम में ग्राम पंचायत हलोरा की सरपंच रमिला तुलावी, मितानिन गेंदकुंवर घावड़े, ग्राम पटेल दयाराम तुलावी, कड़री ईशुराम तुलावी सहित अनेक ग्रामीणजन उपस्थित रहे सभी ने पुलिस की इस मानवीय पहल को दिल से सराहा।
*एक ग्रामीण महिला ने नम आँखों से कहा*
“पहली बार लगता है पुलिस हमारे गांव अपनेपन के साथ आई है।”मुख्य उद्देश्य—सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक रिश्ता इस कार्यक्रम की गूंज सिर्फ एक दिन की नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों तक महसूस होगी इसका उद्देश्य था दूरस्थ अंचलों में पुलिस व ग्रामीणों के बीच भरोसा बनाना बच्चों को सकारात्मक दिशा देना साइबर सुरक्षा, नशा मुक्ति और महिला सुरक्षा पर जागरूकता फैलाना और सबसे महत्वपूर्ण मानवीय संवेदना के साथ पुलिस-जन संबंधों को नई ऊँचाई देना



