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स्टापडेम में गेट नहीं होने से किसानों को भारी नुकसान दो फसली खेती चौपट, मायूस किसान प्रशासन से लगा रहे गुहार
भानुप्रतापपुर।
विकासखंड क्षेत्र के ग्राम पंचायत चवेला में स्थित स्टापडेम इन दिनों किसानों के लिए परेशानी का बड़ा कारण बन गया है। स्टापडेम में गेट नहीं होने के कारण पानी का संरक्षण नहीं हो पा रहा है, जिससे क्षेत्र के किसानों की दो फसली खेती पूरी तरह प्रभावित हो रही है। किसानों का कहना है कि पानी की कमी के चलते खेत सूखने लगे हैं और भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि स्टापडेम का निर्माण किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया गया था, लेकिन गेट नहीं लगाए जाने के कारण बरसात का पानी टिक नहीं पाता और कुछ ही दिनों में बहकर निकल जाता है। इसका सीधा असर खेती-किसानी पर पड़ रहा है। किसान अब सिर्फ एक फसल पर निर्भर होने को मजबूर हैं, जबकि कई किसानों की दूसरी फसल पूरी तरह चौपट हो चुकी है।
ग्रामीणों और किसानों का आरोप है कि पिछले दो से तीन वर्षों से लगातार सुशासन तिहार सहित विभिन्न जनसमस्या निवारण शिविरों में कलेक्टर से लेकर विभागीय अधिकारियों तक आवेदन दिए जा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। किसानों ने कई बार प्रशासन से स्टापडेम में गेट लगाने की मांग की, परंतु उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया गया।
ग्राम पंचायत चवेला के सरपंच जगजीत नागेश ने भी किसानों की समस्या को जायज बताते हुए कहा कि पंचायत की ओर से कई बार संबंधित विभाग और प्रशासन को आवेदन भेजा गया है। उन्होंने बताया कि लगभग तीन वर्ष बीतने को हैं, लेकिन अब तक स्टापडेम में गेट उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। इससे किसानों में भारी नाराजगी और मायूसी देखी जा रही है।
किसानों ने प्रशासन से जल्द से जल्द स्टापडेम में गेट लगाने की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आने वाले समय में आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते गेट लगा दिए जाएं तो क्षेत्र के किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सकेगा और खेती को बचाया जा सकता है।






