बीजापुर जिले के अंतिम छोर पुरानी टाऊन ग्राम पंचायत मुख्यालय मदेदड के राम सीता मंदिर प्रांगण में संपन्न।दीपक मरकाम की खास खबर:-
बीजापुर
बीजापुर जिले के अंतिम छोर पुरानी टाऊन ग्राम पंचायत मुख्यालय मदेदड के राम सीता मंदिर प्रांगण में संपन्न।
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजनांतर्गत 40 जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न हुआ जिसमें बतौर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के आसंदी पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष पेरे पुल्लैया कार्यक्रम के अति विशिष्ट अतिथि तिरूमाल अशोक कुमार तलांडी जिलाध्यक्ष रूढ़ि जन्य परंपरागत सर्व आदिवासी समाज बीजापुर, कार्यक्रम के अध्यक्षता श्रीमती सरिता कुडेम अध्यक्ष जनपद पंचायत भोपाल पटनम, विशिष्ट अतिथि गण श्री राहुल यालम जनपद सदस्य पामगल क्षेत्र ,श्रीमती तनूजा कुम्मर जनपद सदस्य तिमेड क्षेत्र, श्रीमती रीना भगत जनपद सदस्य बारेगुडा क्षेत्र, सरपंच श्रीमती शारदा सेंड्रा मदेदड ,उपसरपंच श्याम बाबू मदेदड , सतेन्द्र कुमार ठाकुर जिला उपाध्यक्ष भा जा पा,साई किरण युवा उपाध्यक्ष भा जा पा, कार्यक्रम के एवं जिला स्तरीय ,परियोजना स्तरीय अधिकारी कर्मचारियों आंगनबाड़ी कार्यकर्ता /सहायिका द्वारा सामूहिक विवाह समारोह संपन्न कराया जिसमें अतिथियों द्वारा नव दाम्पत्य जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए अपने उद्बोधन में कहा कि यह मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजनांतर्गत जो सामूहिक विवाह हो रहें हैं गांव गरीबों के लिए वरदान साबित हो रही है शासन के महत्व कांक्षी योजनाएं जानकारी दी वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में अशोक कुमार तलांडी जिलाध्यक्ष रूढ़ि जन्य परंपरागत सर्व आदिवासी समाज बीजापुर ने अपने सारगर्भित उद्बोधन प्रथम दृष्टया नव विवाहित 40 जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि कहीं न कहीं सरकार हमारे गांव गरीब जो साक्षम नहीं है ऐसे जोड़ियों को चिन्हांकित कर सामूहिक शादियां कर रही यह पुनीत कार्य है धन्यवाद के पात्र है। और यही नहीं हर समाज भी सामुहिक विवाह कर रही है।हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी आदिवासी दोरला समाज द्वारा ग्राम पंचायत भंडार पाल में 16 जोड़े लंका पल्ली में 12 जोड़े ग्राम पंचायत मुख्यालय में 26 जोड़े और भी समाज जो द्वारा अनेकों शादियां किए हैं।यह शिक्षा का प्रभाव व समाजिक समागमन को दर्शाता है तलांडी ने नव दाम्पत्य जोड़ों उनके परिवारों और वहां हजारों के तादाद में उपस्थित जनों को बाल विवाह रोकथाम पर जोर देते हुए कहा पहले बाल विवाह होता था कहीं न कहीं गरीबी अशिक्षा का के अभाव के कारण पर वर्तमान में कानून पे कानून नियम पे नियम बना अब बाल विवाह करना कराना दंडनीय अपराध है।पढबो गढबो शिक्षित बनबो न्यूनतम 18 वर्ष के बाद ही लडका या लडकी का शादी करबो यानी जब तक लडका लडकी का 18 वर्ष नहीं होगा तब तक शादी नहीं करना है। अनिवार्यतः 18 वर्ष के बाद ही शादी कराने वहां उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए बाल विवाह रोकथाम की शपथ दिलाई और हाल के शासन की महत्व कांक्षी योजनाएं को अवगत कराते हुए हाल में जनगणना व बस्तर मुन्ने सर्वे चल रहा है ऐसे महत्वपूर्ण सर्वे में हम सबको बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेना चाहिए ताकि शासन के मंशानुरूप योजनाओं का लाभ जन-जन तक पहुंच पाए तलांडी ने यह भी कहा कि स्कूल पाठशाला में जो शिक्षा अध्ययन कराते हैं उससे पहले 0 से 5 वर्ष तक बच्चों को मां बाप परिवार के साथ साथ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाओं द्वारा हमारे जच्चा बच्चों को पोषण आहार टीकाकरण 0 से 5 वर्ष के बच्चों का सर्वेक्षण शिक्षा ग्रहण कराते हैं मेहनत ज्यादा वेतन दैनिक मजदूरी से भी कम ऐसे में भला क्या होगा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाओं को समान कार्य समान वेतन दिया जाए वहीं कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पेरे पुलैया , विशिष्ट अतिथि सतेन्द्र ठाकुर,सरिता कुडेम, राहुल यालम,साई किरण , रीना भगत तनूजा कुम्मर ने भी सारगर्भित उद्बोधन दिया तथा कार्यक्रम के अंत में नव दाम्पत्य जोड़ों को को 35 हजार रुपए का चेक एवं विवाह प्रमाणपत्र प्रदान किया गया तथा अंत में महिला बाल विकास विभाग परियोजना अधिकारी भोपाल पटनम द्वारा आभार व्यक्त करते हुए सामूहिक विवाह कार्यक्रम की समाप्ति की घोषणा की गई तत्पश्चात विभाग द्वारा नवविवाहित जोड़ों एवं आगंतुकों को जल पान स्वरुची भोजन ग्रहण उपरांत विदाई किया गया*
जिला कार्यक्रम अधिकारी विस्मिता पाटिल, परियोजना अधिकारी श्रीमती कल्पना रथ, सेक्टर सुपरवाइजर मद्देड़ सावित्री मिरि, उजाला बंजारे, समस्त सुपरवाइजर, समस्त स्टाफ महिला बाल विकास विभाग भोपालपटनम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती शांता मरकाम, सरिता मोरला, पदमा श्री, कुसुमा मोरला सहायिका पूनम, जया, सरिता एवं सेक्टर मद्देड़ के समस्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका







