*स्व. श्री राजू पुजारी की आत्महत्या की घटना की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराए जाने की मांग को लेकर विधायक विक्रम मंडावी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा*,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,*बीजापुर जिले से दीपक मरकाम की खबर*
बीजापुर दिनांक- 26 अप्रैल 2026
बीजापुर के विधायक विक्रम मंडावी ने रविवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को एक पत्र लिखा है।
पत्र में कहा गया है कि जिला-बीजापुर के अंतर्गत चेरपाल निवासी स्व. श्री राजू पुजारी, प्रधान अध्यापक, प्राथमिक शाला पालनार में पदस्थ थे।
स्व. श्री राजू पुजारी अपने कार्य के प्रति निष्ठा और ईमानदारी के लिये पूरे क्षेत्र में सम्मानित थे।
विधायक विक्रम मंडावी ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा कि परिजनो के कथनानुसार प्राथमिक शाला पालनार का निर्माण लगभग 20 लाख 30 हजार रूपये की लागत से किया जा रहा था और निर्माण एजेंसी शाला प्रबंधन समिति थी।
निर्माणाधीन स्कूल भवन को ठेकदार और इंजीनियर द्वारा बहुत ही घटिया और गुणवत्ताहीन तरीके से किया जा रहा था।
निर्माणाधीन स्कूल भवन की राशि के भुगतान को लेकर काफी मानसिक रूप से परेशान थे।
जिसकी शिकायत उन्होंने अपने उच्चाधिकारियों से किया किन्तु अधिकारियों ने शिकायत पर कोई ध्यान नहीं दिया और निर्माणाधीन स्कूल भवन की राशि जबरन ठेकेदार को देने दबाव बनाया जा रहा था और ठेकेदार, इंजीनियर और संबंधित अधिकारी द्वारा शिक्षक को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर जबरन निर्माणाधीन स्कूल भवन की पूरी राशि निकालकर देने का दबाव डाले जाने के कारण तंग आकर आत्माहत्या करने को मजबूर हो गये ।
दिनांक 22/04/2026 को उन्होने सुसाइड नोट लिख कर आत्मघाती कदम उठाते हुए आत्महत्या कर लिया।
सुसाइड नोट पर विभाग के अधिकारी, कर्मचारी एवं पेटी ठेकेदार के नाम उल्लेखित है एवं जागर लक्ष्मैया, ठेकदार, निवासी बीजापुर का नाम सरकारी दस्तावेज (शाला प्रबंधन समिति पंजी) के अनुसार चेक देना, चेक पंजी में उल्लेखित है ।
ठेकेदार जागर लक्ष्मैया के कहने पर ही पेटी ठेकेदार को राशि आहरण कि लिये चेक प्रदान किया गया है जो कि अत्यन्त गंभीर प्रतीत होता है।
स्व. श्री राजू पुजारी, प्रधान अध्यापक, प्राथमिक शाला पालनार के आत्महत्या में भ्रस्टाचार एवं बड़े अधिकारियों की भूमिका एवं संलिप्ता है जिसके लिये उच्चस्तरीय जांच की आवश्यकता है।
इसलिए इस मामले पर उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्यवाही किया जाए।






