*पर्यटन-स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था और संबंधित ग्रामों में बुनियादी सुविधाएँ आवश्यक -बसंत ताटी*,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,*बीजापुर जिले के भोपाल पटनम से दीपक मरकाम की खबर*
बीजापुर,भोपालपटनम,
पूर्व जिला पंचायत सदस्य बसंत ताटी ने राज्य शासन से माँग की है कि छत्तीसगढ़ के पर्यटन-स्थलों पर पर्यटकों के लिये पर्याप्त सुरक्षा-व्यवस्था की जाये।उन्होंने कहा कि हमारे लिये यह गौरव की बात है कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक सौन्दर्य की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध है।यहाँ प्रदेश और सीमावर्ती राज्यों के हज़ारों पर्यटक प्रतिवर्ष विभिन्न दर्शनीय स्थलों पर परिवार सहित घूमने आते हैं।साथ में छोटे बच्चे भी होते हैं।लेकिन उन स्थलों पर पर्याप्त सुरक्षा-व्यवस्था न होने के कारण अक्सर दुर्घटनाएँ होती हैं,जो प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करती हैं।ऐसे समस्त स्थलों पर आवश्यक सुरक्षा-व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि पर्यटकों के जीवन से खिलवाड़ न हो सके।इसी प्रकार पर्यटन-स्थलों के आसपास के गाँवों में भी बुनियादी सुविधाएँ,जैसे-सड़क,बिजली,पानी,चिकित्सा,परिवहन आदि उपलब्ध करायी जानी चाहिए।इससे न केवल ग्रामीणों की स्थिति में सुधार होगा,बल्कि सैलानियों को भी इन सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।
ऐसे अनेक पर्यटन-स्थल बीजापुर जिले में भी हैं।मिसाल के तौर पर भोपालपटनम विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत वाडला के आश्रित ग्राम मट्टीमरका को देखा जा सकता है।सुरम्य वन-पहाड़ियों और बस्तर की जीवनरेखा इन्द्रवती नदी के किनारे महाराष्ट्र की सीमा पर स्थित इस स्थान के मनोरम दृश्य को निहारने के लिये सैलानी बड़ी संख्या में यहाँ भी आते हैं।इस मोहक स्थल को पर्यटन के नक्शे में शामिल कराने के लिये जिला प्रशासन भी प्रयासरत है।इसी प्रयास के तहत पिछले दिनों जिला प्रशासन द्वारा यहाँ ‘रीवर एडवेंचर फेस्ट’ आयोजित किया गया था,जिससे इसकी पहचान दूर-दूर तक स्थापित हो सके।इस कार्यक्रम में आसपास के अनेक ग्रामों के लोगों की भागीदारी रही।सबने इसका आनंद उठाया।कहा जाता है कि इस आयोजन के नाम पर बड़ी राशि खर्च की गयी।परंतु लोगों को यह देखकर दुख हुआ कि मट्टीमरका गाँव आज भी विकास से वंचित है।यहाँ के बाशिंदे मूलभूत सुविधाएँ पाने के लिये तरस रहे हैं।
उल्लेखनीय यह भी है कि इन्द्रवती-तट के जिस स्थल को प्रशासन द्वारा ‘पिकनिक स्पॉट’ के रूप में प्रचारित किया जा रहा है,वहाँ नदी के गहरे पानी संबंधी खतरे के निशान वाली तख़्तियाँ तक नहीं लगी हैं।ध्यान देने वाली बात यह है कि पर्यटकों के लिये किसी भी प्रकार के निर्देश अथवा मार्गदर्शन वाली पट्टिकाएँ यहाँ लगाने की ज़रूरत नहीं समझी गयी है।कहा जा सकता है कि एक प्रकार से यहाँ दुर्घटनाओं को खुली छूट दी गयी है।शायद,इसीलिये दुर्घटना होने पर बचाव संबंधी कोई व्यवस्था भी नहीं की गयी है।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य ने जिला प्रशासन से माँग की है कि मट्टीमरका को सुविधा युक्त पर्यटन-स्थल के साथ-साथ इस गाँव के विकास की एक ठोस कार्ययोजना तैयार कर यथाशीघ्र उसे क्रियान्वित किया जाये,ताकि अधिक से अधिक सैलानी वहाँ आने के लिये आकर्षित हों,जिससे ग्रमीणों के लिये आजीविका के नये अवसर भी सृजित हो सकें।






