लंबे इंतजार के बाद सूची जारी, शिक्षकों में खुशी और उत्साह का माहौल।
जगदलपुर/दुर्गूकोंदल:-
105 सहायक शिक्षकों को मिली प्रधान पाठक पदोन्नति, फेडरेशन के प्रयास रंग लाए
लंबे इंतजार के बाद सूची जारी, शिक्षकों में खुशी और उत्साह का माहौल दुर्गुकोंदल क्षेत्र में शिक्षा जगत के लिए 7 अप्रैल 2026 का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ, जब लंबे समय से लंबित प्राथमिक शाला प्रधान पाठक पदोन्नति की बहुप्रतीक्षित सूची आखिरकार जारी कर दी गई। इस सूची में 105 सहायक शिक्षकों को प्रधान पाठक पद पर पदोन्नत किया गया है, जिससे पूरे जिले में खुशी की लहर दौड़ गई है।
इस महत्वपूर्ण उपलब्धि का श्रेय सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन के निरंतर प्रयासों को दिया जा रहा है। फेडरेशन के जिलाध्यक्ष श्री निर्भय कोवाची ने बताया कि यह प्रक्रिया लंबे समय से लंबित थी और संगठन लगातार इसके लिए प्रयासरत था। अंततः सभी प्रयास सफल हुए और शिक्षकों को उनका हक मिला।
पदोन्नति सूची जारी होने के बाद शिक्षकों में उत्साह का माहौल देखा गया। कई शिक्षकों ने इसे अपने लंबे संघर्ष का परिणाम बताया और संगठन के प्रति आभार व्यक्त किया। श्री कोवाची ने सभी पदोन्नति प्राप्त शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि यह केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे संगठन की एक बड़ी जीत है। उन्होंने सभी को नए दायित्व के निर्वहन के लिए शुभकामनाएं भी दीं।
इस उपलब्धि के पीछे प्रांतीय एवं जिला स्तर के पदाधिकारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। फेडरेशन के प्रांतीय अध्यक्ष श्री रविन्द्र राठौर और प्रांतीय संगठन मंत्री श्री उत्तम बघेल के मार्गदर्शन में जिला स्तर पर भी सक्रिय प्रयास किए गए। जिला सचिव आशु मरकाम, संरक्षक उत्तमचंद वारे, कार्यकारी अध्यक्ष विनोद मंडावी सहित अनेक पदाधिकारियों ने इस दिशा में लगातार कार्य किया।
इसके अलावा जिला उपाध्यक्ष, कोषाध्यक्ष, सहसचिव, प्रवक्ता, मीडिया प्रभारी तथा विभिन्न ब्लॉकों के अध्यक्षों का भी इस प्रक्रिया में विशेष योगदान रहा। सभी ने मिलकर संगठनात्मक एकजुटता का परिचय दिया, जिसका परिणाम आज सामने आया है।
फेडरेशन के पदाधिकारियों ने इस पदोन्नति के लिए जिला प्रशासन के प्रति भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ एवं जिला शिक्षा अधिकारी का विशेष धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि प्रशासन के सहयोग से ही यह संभव हो पाया है।
इस पदोन्नति से न केवल शिक्षकों का मनोबल बढ़ा है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में भी सकारात्मक सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। नए प्रधान पाठकों के नेतृत्व में विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता और अनुशासन को और मजबूती मिलने की संभावना है।






