मुख्यालय में नहीं रहते अधिकारी , क्षेत्र के जंगल इन दिनों आग की चपेट में समय पर भी नही पहुंचे कर्मचारी।वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल पर बखेड हो खडा।अधिकारी जवाब देने में सक्षम नहीं। पुर्व वनमंडलाधिकारी रिशब जैन नही उठाते है सेल फोन। Officers do not reside at the headquarters. Forests in the area are currently engulfed in flames, and employees failed to arrive on time. Questions about the Forest Department’s functioning have sparked controversy. Officers are unable to answer. Former Divisional Forest Officer Rishab Jain does not answer his cell phone. आर, एल, कुलदीप की खबर…।

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मुख्यालय में नहीं रहते अधिकारी , क्षेत्र के जंगल इन दिनों आग की चपेट में समय पर भी नही पहुंचे कर्मचारी।वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल पर बखेड हो खडा।अधिकारी जवाब देने में सक्षम नहीं। पुर्व वनमंडलाधिकारी रिशब जैन नही उठाते है सेल फोन।आर, एल, कुलदीप की खबर…।

 

दुर्गूकोंदल : दुर्गूकोंदल वनपरिक्षेत्र में जंगलों में धधक रही आग वन विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

 क्षेत्र के जंगल इन दिनों आग की चपेट में आ रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी मुख्यालय में मौजूद नहीं रहते, जिससे वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होने लगे हैं। ग्रामीणों और स्थानीय लोगों का कहना है कि जंगलों में लगातार आग लगने की घटनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन समय रहते नियंत्रण के लिए वन अमले की सक्रियता दिखाई नहीं दे रही है।

जानकारी के अनुसार दुर्गूकोंदल वन परिक्षेत्र के कई जंगलों में इन दिनों आग लगने की घटनाएं बढ़ गई हैं। गर्मी बढ़ते ही जंगलों में सूखी पत्तियां और झाड़ियां आग पकड़ रही हैं, जिससे बड़े हिस्से में वन क्षेत्र प्रभावित हो रहा है। आग की वजह से वन संपदा के साथ-साथ वन्य जीवों के जीवन पर भी खतरा मंडराने लगा है।

ग्रामीणों का आरोप है कि यदि रेंजर मुख्यालय में रहकर नियमित रूप से निगरानी करें और फायर वॉचर तथा वन कर्मचारियों को सक्रिय रखें, तो आग की घटनाओं पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है। लेकिन अधिकारियों की अनुपस्थिति के कारण कई बार आग फैलने के बाद ही कार्रवाई होती है।

 

 

अधिक जानकारी के लिए मेरे द्वारा उसके मोबाइल नं से सम्पर्क करने की कोशिश तो कि गई लेकिन किसी तरह रिंग रिंग तो बजा पर किसी का आवाज नही आई।

 

वनपरिक्षेत्र अधिकारी सतीश कुमार मिश्रा नेतृत्व मे चलते है वनपरिक्षेत्र दुर्गूकोदल के अंतर्गत कुल 34 फायर वाचर एवं अग्नि पहरी फिर भी पुरी जंगल आग के लपेट में।

 

स्थानीय लोगों ने बताया कि कई बार ग्रामीण ही मिलकर आग बुझाने की कोशिश करते हैं, जबकि यह जिम्मेदारी वन विभाग की है। यदि समय पर आग पर काबू नहीं पाया गया तो आने वाले दिनों में जंगलों को भारी नुकसान हो सकता है।

क्षेत्रवासियों ने वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए जिम्मेदार अधिकारियों की मुख्यालय में उपस्थिति सुनिश्चित की जाए और जंगलों में आग रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।

 

 

अधिक जानकारी के लिए मेरे द्वारा उसके मोबाइल नं से सम्पर्क करने की कोशिश तो कि गई लेकिन किसी तरह रिंग रिंग तो बजा पर किसी का आवाज नही आई।

तब मेरे द्वारा वनपरिक्षेत्र सतीश मिश्रा को फोन काल किया गया…

सम्पर्क हुआ।

 

वर्जन 

स्टाफ लगा दिया हुं सभी तरफ कार्य का लोकेशन मुझे तक भेज भी रहे है अगर जो भी कर्मचारी कार्य में लापरवाही पाई जाती है कार्यवाही होगी।

 

वनपरिक्षेत्र अधिकारी दुर्गूकोंदल 

 सतीश कुमार मिश्रा 

 

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