बीजापुर जिले के विधायक विक्रम मंडावी ने तेंदूपत्ता संग्रहण सीजन 2026 को लेकर संग्राहकों की समस्याओं के समाधान हेतु मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कई महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं। उन्होंने कहा कि बीजापुर जिला आदिवासी बाहुल्य और दुर्गम क्षेत्र है, जहां अधिकांश ग्रामीण एवं आदिवासी परिवारों की आजीविका का मुख्य साधन तेंदूपत्ता संग्रहण है। जिले के अंदरूनी गांवों में बैंक सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने तथा बैंकों की दूरी अधिक होने के कारण संग्राहकों को भुगतान प्राप्त करने में काफी परेशानीयों का सामना करना पड़ता है।
इसी को ध्यान में रखते हुए विधायक ने मुख्यमंत्री से तेंदूपत्ता संग्राहकों के हित में निम्न प्रमुख मांगें रखी हैं—
तेंदूपत्ता संग्रहण का कार्य ठेकेदारी प्रथा से कराया जाए, ताकि कार्य सुचारू रूप से संचालित हो सके एवं संग्राहकों को पूर्ण रूप से तेंदुपत्ता संग्रहण का लाभ मिल सके,संग्राहकों को पारिश्रमिक भुगतान केंद्र पर ही नकद (कैश) किया जाए, जिससे उन्हें दूर-दराज के बैंकों में जाने की कि समस्याओं का सामना ना करना पड़े,
वर्तमान में 5500 रुपये प्रति मानक की दर को बढ़ाकर 7000 रुपये किया जाए, जिससे संग्राहकों को बेहतर पारिश्रमिक उचित दर मिल सके।
ग्रामीणों की मांग के अनुसार आवश्यकतानुसार तत्काल तेंदूपत्ता फड़ खोले जाएं, ताकि संग्रहण कार्य में सुविधा हो।
नेशनल पार्क, पामेड़ अभयारण्य एवं तिमेड़गी अभयारण्य क्षेत्रों में भी तेंदूपत्ता तोड़ाई की व्यवस्था की जाए।
फड़मुंशी के कमीशन में वृद्धि करते हुए 25 हजार रुपये वार्षिक मानदेय दिया जाए। विधायक ने यह भी मांग की है कि तेंदूपत्ता तोड़ाई एवं खरीदी का कार्य कम से कम 15 दिनों तक लगातार बिना किसी रुकावट के संचालित किया जाए, ताकि ग्रामीण संग्राहकों को अधिक से अधिक लाभ मिल सके। उन्होंने राज्य सरकार से इन मांगों पर शीघ्र व आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया है।






