मनीष कौशिक
मोहला- अंबागढ़ चौकी स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल मे 100 बार उठक बैठक कराने और तालिबानी सजा के बाद अपंगता के दहलीज तक पहुंच गए 10 वी के छात्र के मामले में शिक्षा विभाग का अनोखा जांच जिसमें दोषी शिक्षिकाओं को जांच रिपोर्ट में क्लीन चिट दे दिया गया है। इधर आत्मानंद की सहायक ग्रेड 3 की महिला कमर्चारी ने व्याख्याता पर मानसिक प्रताड़ना, दुर्व्यवहार, अश्लील हरकत, व हरासमेंट के संगीन आरोपो के तहत कलेक्टर, एसपी, जिला शिक्षा अधिकारी को लिखित मे शिकायत प्रस्तुत किया है।इस मामले की जांच दो विशाखा समिति, आधा दर्जन जांच टीम को एक के बाद एक जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, कलेक्ट्रेट के तरफ से जांच करने तथा अंतिम प्रतिवेदन प्रस्तुत करने निर्देश जारी हुआ है।शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अफसर और संबंधित प्राचार्य जांच के नाम पर व्याख्याता को बचाने हर तरह का हथकंडा अपना रहे हैं 6 महीने के भीतर व्याख्याता सुशील चौरसिया के खिलाफ एक और मामला सामने आया है जिसमें तीसरी महिला व्याख्याता ने मानसिक प्रताड़ना, धमकाने तथा विशाखा समिति के जांच में क्लीन चिट देने को लेकर दबाव बनाने का मामला उजागर किया है।महिला व्याख्याता ने आज जिला प्रशासन तथा अंबागढ़ चौकी पुलिस के समक्ष लिखित शिकायत प्रस्तुत कर महिलाओं के प्रति शिक्षा विभाग में चल रहे दुर्दांत चेहरा को फिर से सामने लाया है। व्याख्याता सुशील चौरसिया के खिलाफ अब तक अंबागढ़ चौकी आत्मानंद स्कूल की एक प्रधान पाठिका , एक तृतीय वर्ग श्रेणी महिला कर्मचारी तथा आज एक विशाखा समिति के सदस्य तथा स्कूल की व्याख्याता ने गंभीर एलिगेशन के साथ आवेदन प्रस्तुत किया है।
उल्लेखनीय की अंबागढ़ चौकी अंग्रेजी माध्यम आत्मानंद स्कूल में बीते एक माह पूर्व 10 वीं कक्षा के एक छात्र को तालिबानी सजा में 100 बार उठक बैठक कराने के कारण ब्लड सर्कुलेशन नहीं होने के कारण छात्र विगत एक महीने से डॉक्टरी प्रिपरेशन में है। इस दौरान वह विद्यार्थी तकलीफ के बीच परीक्षा दे रहा है उक्त मामले में जांच के नाम पर ढकोसला और सच्चाई को दबाते हुए शिक्षा विभाग ने छात्र के जिंदगी से खेलने वाले दो शिक्षिकाओं को जांच मे क्लीन चिट दे दिये है। वहीं सहायक ग्रेड 3 की महिला कर्मचारी ने हिन्दी माध्यम के भौतिक शास्त्र के व्याख्याता सुशील चौरसिया के खिलाफ बेहद संगीन आवेदन प्रस्तुत किया है । इस मामले की जांच और कठोर कार्रवाई के लिए सीधे कलेक्टर, एसपी और जिला शिक्षा अधिकारी को पीड़िता ने आवेदन प्रस्तुत किया है जिसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने जांच के नाम पर दो विशाखा समिति सहित आधा दर्जन जांच टीम नियुक्त किया है, जिन प्राचार्य और विकासखंड शिक्षा अधिकारी को विभाग ने जांच के लिए निर्देश किया है वे उल्टे पहले ही प्रशासनिक आदेश का अवहेलना करते हुए उनके द्वारा जांच नहीं करने के लिए विभाग को लिखित मे जवाब दे दिए हैं। अब स्कूल की तीसरी महिला व्याख्याता ने आज मानसिक प्रताड़ना, दबाव, धमकी तथा विशाखा समिति के जांच में क्लीन चिट देने दबाव बनाने का मामला कलेक्ट्रेट ,जिला शिक्षा अधिकारी तथा अंबागढ़ चौकी पुलिस को पत्र प्रेषित किया है।
-अचेत अवस्था में स्कूल से लाया गया फिर भी क्लीन चिट-नगर मे बूट हाउस का संचालन कर रहे परिवार का एक होनहार छात्र को कठोर शारीरिक दंड देने से छात्र पिछले एक माह से शरीर की नस में ब्लड सरकुलेशन नहीं होने के कारण उठ बैठ नहीं हो पा रहा था अंबागढ़ चौकी, राजनांदगांव तथा रायपुर के एक निजी अस्पताल में उसका इलाज करवाने के बाद इस समय छात्र ले देकर दसवीं का परीक्षा दे रहा है इधर इस मामले की जांच कर रहे विकासखंड शिक्षा अधिकारी एसके धीवर की टीम ने जांच रिपोर्ट बदलते हुए दोषी शिक्षिकाओं को जांच रिपोर्ट में निर्दोष साबित कर दिये है। जिसकी पुष्टि जिला शिक्षा अधिकारी ने की है।
-अंधेरगदी चौपट राजा के तर्ज पर विभाग -आत्मानंद स्कूल में महिला उत्पीड़न के मामले में व्याख्याता सुशील चौरसिया के खिलाफ एक प्रधान पाठिका तथा एक तृतीय वर्ग महिला कर्मचारी के शिकायत पर जिला शिक्षा विभाग मंद गति से जांच कर रहा है मामले में ना जांच का ठिकाना है और ना कार्यवाही की ऐसे में एक और तीसरी महिला व्याख्याता और विशाखा समिति की सदस्य ने आज बेहद गंभीर आरोपों के साथ व्याख्याता के खिलाफ शिकायत प्रस्तुत किया है।
व्याख्याता को बचाने विशाखा समिति पर दबाव-लगातार महिला उत्पीड़न का आरोप एक प्रधान पाठिका , तृतीय वर्ग कर्मचारी के द्वारा व्याख्याता सुशील चौरासिया के ऊपर लगा है । ये दोनों मामले में विभाग व्याख्याता के ऊपर मेहरबान है लगातार व्याख्याता को बचाने छात्र-छात्राओं को ढाल बनाकर कलेक्ट्रेट ,जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय भेजा गया बयान में जिन टीचर और कर्मचारियों का मामले में कोई लेना-देना नहीं है उनसे बयान लिया गया है।अब तीसरी महिला विशाखा समिति की सदस्य व्याख्याता पर जांच रिपोर्ट मे क्लीन चिट देने दबाव बनाने धमकी देने मानसिक प्रताड़ना का आज कलेक्ट्रेट ,जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय तथा अंबागढ़ चौकी पुलिस को आवेदन प्रस्तुत किया है।
छात्र को 100 बार उठक बैठक कराने के मामले में विकासखंड शिक्षा अधिकारी की जांच टीम ने छात्र संबंधी घटना को नकार दिया है व्याख्याता के मामले में जांच रिपोर्ट कल प्रस्तुत किया जाएगा। योग दास साहू जिला शिक्षा अधिकारी मोहला मानपुर अंबागढ चौकी






