*बीजापुर में एफएलएन अंतर्गत 127 बालवाड़ी शिक्षकों का पांच दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न*,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
,,,,,,,,,,तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,,,,,,
बीजापुर,,,,,,,,
छत्तीसगढ़ राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद शंकर नगर रायपुर के निर्देशन तथा डाइट प्राचार्य वेंकट रमन के मार्गदर्शन में जिले के चारों विकासखंडों में संचालित 127 बालवाड़ियों के शिक्षकों का जिला स्तरीय पांच दिवसीय प्रशिक्षण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
यह प्रशिक्षण 11 से 15 फरवरी तक ब्लेंडेड मोड (मिश्रित पद्धति) में आयोजित किया गया, जिसमें 11-12 फरवरी को दो दिवस ऑनलाइन तथा 13-15 फरवरी को तीन दिवस ऑफलाइन सत्र आयोजित किए गए। ऑफलाइन प्रशिक्षण जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान बीजापुर (डाइट) परिसर में एससीईआरटी द्वारा प्रशिक्षित डीआरजीएस के माध्यम से संपन्न हुआ। प्रशिक्षण का शुभारंभ पूजा-अर्चना एवं सरस्वती वंदना के साथ किया गया।
*ईसीसीई एवं एफएलएन पर विशेष जोर*
राज्य से प्राप्त समय-सारणी के अनुसार दिवसवार विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा एवं गतिविधियाँ आयोजित की गईं। प्रमुख विषयों में शामिल रहे—
ईसीसीई (प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा) का परिचय, महत्व एवं रूपरेखा
उत्साहवर्धक खेल गतिविधियाँ
थीम आधारित शिक्षण
अधिगम शैली एवं दैनिक कार्ययोजना
बुनियादी साक्षरता एवं भाषा शिक्षण
शिक्षण रणनीतियाँ एवं समूह कार्य
बुनियादी संख्यात्मक ज्ञान
ईएलपीएस की समझ
टीएलएम की उपलब्धता एवं उपयोग
कक्षा प्रबंधन एवं अनुकूल शिक्षण परिवेश निर्माण
प्रारंभिक वर्षों में बच्चों का आकलन
गुणवत्तापूर्ण शिक्षण के लिए प्रेरित
प्रशिक्षण के अंतिम दिवस डाइट प्राचार्य ने प्रतिभागियों से संवाद करते हुए ईसीसीई की भूमिका, बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान के महत्व पर प्रकाश डाला तथा प्रशिक्षण में प्राप्त जानकारियों को विद्यालयों में प्रभावी रूप से लागू करने का आग्रह किया।
मास्टर ट्रेनर्स पवन सिन्हा, चिमन लाल चंदेल, बल्लू राम नेताम एवं सुनील साहू ने एससीईआरटी के दिशा-निर्देशानुसार प्रशिक्षण प्रदान करते हुए सभी विषयगत अवधारणाओं को बालवाड़ी स्तर पर प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करने हेतु शिक्षकों को प्रेरित किया। प्रशिक्षण के दौरान प्री-टेस्ट एवं पोस्ट-टेस्ट का आयोजन भी किया गया।
कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागियों की उपस्थिति में फोटो सेशन के साथ हुआ।
जिले में एफएलएन के सफल क्रियान्वयन की दिशा में यह प्रशिक्षण महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।






