*5 वर्ष बाद भी अधूरा पड़ा खेडेगाव उप स्वास्थ्य केंद्र, ठेकेदार ने बीच में छोड़ा काम, ग्रामीण परेशान*
*मगहूर पंचायत के आश्रित ग्राम खेडेगाव में स्वास्थ्य सुविधा ठप, अधूरा भवन जल्द पूरा कराने ग्रामीणों की मांग*
दुर्गूकोदल। विकासखंड दुर्गूकोदल अंतर्गत ग्राम पंचायत मगहूर के आश्रित ग्राम खेडेगाव में निर्मित किया जा रहा उप स्वास्थ्य केंद्र बीते 5 वर्षों से अधूरा पड़ा है। ठेकेदार द्वारा भवन निर्माण कार्य बीच में छोड़ दिए जाने के कारण उप स्वास्थ्य केंद्र आज तक पूर्ण नहीं हो पाया है। इससे क्षेत्र के ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि उप स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण कार्य वर्षों पहले प्रारंभ हुआ था, लेकिन ठेकेदार द्वारा काम अधूरा छोड़ दिया गया। वर्तमान में भवन की स्थिति यह है कि वह आधा-अधूरा, बंद और अनुपयोगी पड़ा है। समय बीतने के साथ निर्माण सामग्री भी खराब हो रही है और भवन जर्जर होने की आशंका बढ़ती जा रही है।
ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में कई बार शासन-प्रशासन एवं संबंधित विभाग को अवगत कराया है। लिखित एवं मौखिक रूप से शिकायत किए जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। न ही निर्माण कार्य पूरा कराया गया और न ही ठेकेदार पर किसी प्रकार की जवाबदेही तय की गई।
उप स्वास्थ्य केंद्र अधूरा रहने से गर्भवती महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों एवं सामान्य मरीजों को उपचार के लिए दूरस्थ गांवों अथवा दुर्गूकोदल अस्पताल जाना पड़ता है। कई बार आपातकालीन स्थिति में समय पर इलाज न मिल पाने की समस्या भी सामने आती है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि उप स्वास्थ्य केंद्र पूरा हो जाता, तो गांव और आसपास के लोगों को प्राथमिक उपचार, टीकाकरण, मातृ-शिशु देखभाल एवं अन्य आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं आसानी से मिल सकती थीं।
ग्रामीणों सुनीता, सरस्वती, शांति, धनाई, आसीन, महरु राम, मंगलू, दिनेश, शिवा, संदीप, मकलेश सहित अन्य ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि अधूरे भवन निर्माण को तत्काल पूरा कराया जाए और उप स्वास्थ्य केंद्र को जल्द से जल्द शुरू किया जाए। साथ ही उन्होंने यह भी मांग की कि निर्माण कार्य अधूरा छोड़ने वाले ठेकेदार के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही दोबारा न हो।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो वे जनआंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।






