पोरोण्डी नदी में बनेगा 09 करोड़ 11 लाख रूपए की लागत से उच्चस्तरीय पुल। कोयलीबेडा से लक्ष्मण दर्रो की रिपोर्ट:-

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पोरोण्डी नदी में बनेगा 09 करोड़ 11 लाख रूपए की लागत से उच्चस्तरीय पुल।

चारगांव में जनसमस्या निवारण शिविर में 256 आवेदन प्राप्त मौके पर 63 आवेदनों का निराकरण

कांकेर:-

जिले के सुदूरवनाचल कोयलीबेड़ा विकाखसण्ड के खनिज प्रभावित ग्राम चारगांव में जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। कलेक्टर श्री निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हरेश मण्डावी सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी शिविर में मौजूद थे। जिनके द्वारा ग्रामीणों की समस्या सुनी गई, साथ ही उनके निराकरण के लिए कार्यवाही की गई। जनसमस्या निवारण शिविर में ग्रामीणों द्वारा 256 आवेदन प्रस्तुत किए गए, जिनमें 255 आवेदन विभिन्न प्रकार की मांग से संबंधित थे, जिनमें से 63 आवेदनों का निराकरण मौके पर किया गया, शेष 192 आवेदनों का निराकरण समय-सीमा में करने के लिए विभागीय अधिकारियों को कलेक्टर द्वारा निर्देशित किया गया है।

ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कलेक्टर ने बताया कि क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित मांग पोरोण्डी नदी में उच्च स्तरीय पुल निर्माण की स्वीकृति मिल चुकी है। शासन द्वारा इसके लिए 09 करोड़ 11 लाख 64 हजार रूपए की स्वीकृति दिया गया है। पुल निर्माण के लिए टेंडर भी जारी किए जा चुके हैं। इस पुल के निर्माण हो जाने के बाद विकासखण्ड मुख्यालय कोयलीबेड़ा और अंतागढ़ का सीधा संपर्क हो जाएगा। ग्रामीणों की समस्याओं का निराकरण करते हुए उनके द्वारा ग्राम चारगांव के स्कूल में अंग्रेजी माध्यम के शिक्षक शीघ्र पदस्थ करने की बात कही गई।

कलेक्टर श्री क्षीरसागर ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि यह क्षेत्र माओवाद प्रभावित रहा है, जो अब अंतिम चरण में है। क्षेत्र की जो भी मूलभूत समस्याएं हैं उनका नियमानुसार निराकरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि कोई गांव सोलर आधारित ऊर्जीकृत किया गया है, तो उन्हें परंपरागत ऊर्जा ’ग्रीड’ पद्धति से जोड़ा जा रहा है। ऐसा कोई गांव जो अभी भी सोलर आधारित बिजली से रोशन हो रहा हो उसकी जानकारी जिला प्रशासन को दिया जावे, ताकि उसका निराकरण किया जा सके। उन्होंने बताया कि चारगांव में निर्माणाधीन 50 सीटर कन्या आश्रम भवन का निर्माण भी शीघ्र पूरा किया जाएगा। उन्होंने डोंगरीपारा चारगांव स्थित शासकीय कन्या आश्रम का निरीक्षण भी किया और अध्ययनरत बच्चों से संवाद करते हुए, उन्हें समय पर भोजन मिलने व पुस्तक की उपलब्धता इत्यादि की जानकारी भी ली। कलेक्टर ने जनसमस्या निवारण शिविर स्थल में विभिन्न विभागों के स्टॉलों निरीक्षण किया तथा उनके द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग के स्टॉल में दो बच्चों का अन्नप्राशन कराया गया।

जनसमस्या निवारण शिविर को जिला पंचायत के सीईओ श्री हरेश मण्डावी ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की समस्या का निराकरण के लिए शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में इस अंचल में यह पहला शिविर है, आप अपनी समस्या से अवगत कराएं ताकि उनका विधिवत निराकरण किया जा सके। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि शिविर में हितग्राही मूलक, व्यक्ति मूलक के अलावा गांव की सामुहिक समस्या से भी अवगत करा सकते हैं, जिनके निराकरण का प्रयास जिला प्रशासन द्वारा किया जाएगा। ंराशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, आधार कार्ड, महतारी वंदन इत्यादि योजनाओं का लाभ लेने के संबंध में भी उनके द्वारा जानकारी ली गई। शिविर को जिला पंचायत के सदस्य श्रीमती सुनिता मण्डल, जनपद पंचायत कोयलीबेड़ा के उपाअध्यक्ष श्रीमती मंजू सरदार, ग्राम पंचायत चारगांव के सरपंच श्रीमती राजबाई उसेण्डी एवं सरपंच सिकसोड़ श्री लच्छुराम गावडे़, क्षेत्र के 18 ग्राम पंचायतों के अध्यक्ष श्रीमती हेमा हुपेंडी ने भी संबोधित किया। शविर में विभिन्न विभागों के स्टॉल भी लगाए गए थे, जिनके द्वारा शासन द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी ग्रामीणों की दी गई। इस अवसर पर अंतागढ़ के अपर कलेक्टर श्री ए.एस. पैकरा, एसडीएम पखांजूर श्री टी.आर देवांगन, जनपद सीईओ कोयलीबेड़ा श्री उदय नाग सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी, पंच-सरपंच, जनपद सदस्य व ग्रामीणजन बड़ी संख्या में मौजूद थे।

 

 

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