भारी बारिश से जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय बना टापू..व्यवस्थाओ पर उठ रहे सवाल..।

राहुल भोई महासमुंद..

बीती गुरुवार रात जब पूरा जिला गहरी नींद में था, उसी दौरान मौसम ने अचानक करवट ली। देर रात महासमुंद समेत छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में भारी बारिश के साथ तेज हवा चली। बताया जा रहा है कि इस मानसून की यह अब तक की सबसे अधिक बारिश थी।

तेज़ बारिश के कारण तालाब, कुएं और नदियां लबालब हो गईं। वहीं शहर में जगह-जगह पानी भर गया। जिला मुख्यालय महासमुंद का नज़ारा तो और भी चौंकाने वाला रहा..

बारिश के चलते ज़िला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय का पूरा कैंपस तालाब में तब्दील हो गया। कैंपस में 2 से 3 फीट तक पानी भर गया जिससे कर्मचारियों और आम लोगों को कार्यालय तक पहुंचने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा..

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह स्थिति केवल बारिश की वजह से नहीं, बल्कि पानी निकासी की सही व्यवस्था न होने से भी बनी है। गौरव पथ के लिए बन रही नाली का निर्माण कार्य भी जलभराव का बड़ा कारण बताया जा रहा है।

महासमुंद में ज़िला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की यह तस्वीर कहीं न कहीं प्रशासन की तैयारी और कामकाज पर सवाल खड़े करती है। जब खुद अधिकारियों का कार्यालय ही जलभराव की समस्या से जूझ रहा है, तब जिले के स्कूलों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों की स्थिति में सुधार की उम्मीद करना कितना उचित होगा?

स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि अगर जिम्मेदार विभाग अपने ही दफ्तर का हाल नहीं देख पा रहे, तो बच्चों के स्कूलों और शिक्षा व्यवस्था की समस्याओं का समाधान कैसे करेंगे?

एक ओर जहां यह बारिश लोगों को गर्मी से राहत देती दिखी, वहीं दूसरी ओर जलभराव और अव्यवस्था ने प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। अब देखना यह होगा कि इस पानी निकासी की समस्या से निजात दिलाने के लिए प्रशासन क्या कदम उठाता है।

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