हॉस्टल में फीस वसूली में भी खुली लूट जारी है। आधिकारिक रूप से हॉस्टल मेंटेनेंस फीस 100 रुपये प्रति वर्ष तय है, लेकिन छात्राओं से 500 रुपये तक वसूला जा रहा है। मेस फीस भी निर्धारित 1700 रुपये की जगह 2000 से 2300 रुपये तक मनमाने ढंग से ली जा रही है। सबसे गंभीर बात यह है कि इस वसूली का कोई रसीद या आधिकारिक पावती नहीं दी जाती।
हॉस्टल की देखरेख कर रही मैडम, जो पूरा प्रबंधन अपने हाथ में रखती हैं, केवल नकद राशि लेती हैं और उनका व्यवहार छात्राओं के प्रति बेहद खराब बताया गया है। जब छात्राएँ अतिरिक्त पैसे की वजह पूछती हैं, तो उन्हें यह कहकर टाल दिया जाता है कि यह राशि “चैरिटी” के लिए ली जा रही है।
इस तरह छात्राओं के साथ हो रहे शोषण और भ्रष्टाचार के खिलाफ ABVP ने जोरदार आवाज उठाई है। संगठन ने स्पष्ट किया है कि यदि जल्द ही दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई और पारदर्शिता नहीं लाई गई तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
इस शोषण और भ्रष्टाचार के खिलाफ ABVP ने जोरदार आवाज उठाई है। इस दौरान बस्तर जिला संयोजक गौरव भवानी, जगदलपुर नगर मंत्री अश्विन पिल्लै, प्रशांत लाटिया, नुशांत जोशी, गजेन्द्र सोनी, रघुराज कश्यप, टेमन मंडल,मेहुल कश्यप,करण शर्मा, निखिल नायर, जय पांडेय, दिशा पाधी और खुशी यादव उपस्थित रहे।

