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हरासोना व शादी सीजन खत्म होने के बाद अब टोरा संग्रहण में जुटे लोग।
स्थान: बस्तर, जगदलपुर
बस्तर। शादी-विवाह का सीजन समाप्त होते ही बस्तर अंचल के ग्रामीण अब जंगलों में मिलने वाले टोरा (स्थानीय वन उपज) के संग्रहण में जुट गए हैं। इन दिनों गांव-गांव में महिलाएं, पुरुष एवं बच्चे टोरा एकत्रित कर उसे सुखाने और बीज निकालने के कार्य में लगे हुए हैं।
टोरा बस्तर क्षेत्र की महत्वपूर्ण लघु वनोपजों में से एक है, जिससे ग्रामीण परिवारों को अतिरिक्त आय प्राप्त होती है। संग्रहण के बाद टोरा को स्थानीय व्यापारियों के माध्यम से बाजारों तक पहुंचाया जाता है, जहां इसकी अच्छी मांग रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि खेती के साथ-साथ टोरा संग्रहण उनके लिए आय का एक महत्वपूर्ण साधन है।
ग्रामीण महिलाएं पारंपरिक तरीके से टोरा के बीज निकालकर उन्हें सुखाती हैं। इसके बाद बीजों को विक्रय के लिए तैयार किया जाता है। टोरा से प्राप्त आय का उपयोग परिवार के दैनिक खर्च, बच्चों की पढ़ाई और अन्य आवश्यकताओं की पूर्ति में किया जाता है।
वन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों का कहना है कि हर वर्ष गर्मी के मौसम में टोरा संग्रहण का कार्य बड़े पैमाने पर किया जाता है। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार के साथ-साथ आर्थिक मजबूती भी मिलती है।
विशेषज्ञों के अनुसार टोरा का उपयोग विभिन्न औषधीय एवं अन्य उत्पादों के निर्माण में किया जाता है, जिसके कारण इसकी बाजार में मांग लगातार बनी रहती है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि इस वर्ष भी टोरा का उचित मूल्य मिलेगा और उनकी आय में बढ़ोतरी होगी।
✍️ आर. एल. कुलदीप
संपादक, RKBHARATNEWS
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