

राहुल भोई महासमुंद…
महासमुंद जिले के वन विकास निगम के कक्ष क्रमांक 176 में बिना अनुमति के मिश्रित व सागौन के वृक्ष काटने पर तीन दर्जन ग्रामीणों को वन अमले ने गिरफ्तार कर न्यायलय में पेश किया..जहां से न्यायालय ने सभी को जेल भेज दिया है..दरअसल वनग्राम छतालडबरा कसडोल जिला बलौदा बाजार में आता है और इस गांव में लगभग 100 परिवार निवास करते हैं.. आदिवासी बाहुल्य इस ग्राम के लोग अमलोर सिरपुर आने के लिए वन विकास निगम के वन मार्ग का इस्तेमाल करते हैं..वनमार्ग से आते जाते समय वन्य प्राणियों से अक्सर इनका सामना हो जाने के कारण ग्रामीण सुशासन तिहार के समय सड़क निर्माण की मांग भी किए थे..इनके मांग पर वन विकास निगम ने सड़क के लिए एक करोड़ का एस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा भी था..पर अभी तक कोई स्वीकृति सड़क के लिए शासन की ओर से नहीं दी गई है..वहीं अब सड़क नहीं बनने से नाराज ग्रामीणों ने बिना अनुमति लिए वनमार्ग में आने वाले 89 नग मिश्रित प्रजाति के एवं 03 नग सागौन के वृक्ष को काट दिया..जिसकी सूचना वन विभाग को होते ही वह मौके पर पहुंचे और कार्यवाही करते हुए तीन दर्जन लोगो को गिरफ्तार कर लिया..मामले पर वन परिक्षेत्र अधिकारी आशीष कुमरी ने दूरभाष पर बताया कि बिना अनुमति के वृक्षों की कटाई पर भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 26 ( 1 )क, च, के तहत मामला दर्ज कर 36 लोगों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया जहाँ न्यायालय ने सभी को जेल भेज दिया है..वहीं जनपद सदस्य प्रतिनिधि लक्ष्मी नारायण ठाकुर ने बताया कि हम ग्रामीणों को अपने गांव से अमलोर और सिरपुर आने-जाने के लिए कोई रास्ता नहीं है वर्षों से सडक की मांग की जा रही है आए दिन ग्रामीणों का वन्य प्राणियों से आमना सामना हो जाता है इसलिए वन रास्ते के लिए दोनों तरफ सफाई की गई है..

गौरतलब है की गांव का सर्वांगीण विकाश हो इसलिए गांवो को शहरों से जोड़ने के लिए शासन सड़को की जाल बिछाने का दम्भ भर्ती है..पर यहां कई वर्षो से ग्रामीणों को सड़क के लिए खुद रास्ता बनाने मजबूर है उन्हें भी जेल की हवा खिला दी जा रही है..तो आखिर भोलेभाले ग्रामीण अब करे तो क्या करे।


