मनीष कौशिक

मोहला:–पत्रकारों के अंतरराष्ट्रीय संगठन आईंरा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत वर्मा ने चिल्हाटी पुलिस के द्वारा जबरदस्ती एक पत्रकार पर एफआईआर करने की घटना को निंदनीय बताया एवं उच्चाधिकारियों से इस मामले में कार्रवाई करने की मांग की
राजनांदगांव छत्तीसगढ़ पत्रकारों के अंतरराष्ट्रीय संगठन आईंरा इंटरनेशनल रिपोर्टर एसोसिएशन के छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष हेमंत वर्मा ने एम एम सी जिले के आंचलिक पत्रकार पर
अपने ही उच्च अधिकारी के दबाव के चलते एफआईआर की बात को बड़ा ही निंदनीय एवं मीडिया की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हनन बताया श्री हेमंत वर्मा ने कहा सुप्रीम कोर्ट के तमाम तरह के दिसा निर्देश गाइडलाइन का पालन करने का आग्रह उन्होंने सभी राज्यों के डीजीपी से किया है सुप्रीम कोर्ट का क्या आदेश लागू है जिसमें किसी भी पत्रकार के खिलाफ एफआईआर करने से पहले पूरी जांच पड़ताल किए जाने के आदेश प्राप्त है साथ ही जिले की एसपी एएसपी सीएसपी या संबंधित आईजी को इस संबंध में ध्यान आकर्षण करना जरूरी है लेकिन छत्तीसगढ़ में संगठित माफिया छिटभैया नेताओं एवं कुछ भ्रष्ट पुलिस अफसरों के अपराधिक सिंडिकेट ने पत्रकारों के नाम विलय कर करके लगातार एफआईआर दर्ज कराई जा रही है एवं पत्रकारों को गुंडा या अपराधी साबित करने पर तुली हुई है जो कि बेहद ही निंदनीय है अंबागढ़ चौकी के आंचलिक पत्रकार केजन साहू का कुछ मामला चल रहा है जिस पर प्रार्थी के द्वारा आयोग में शिकायत किया गया था आयोग ने संबंधित अधिकारी को उसे स्पष्टीकरण देने के लिए कहा था ना कि एफआईआर करने के लिए कहा था पीड़ित पत्रकार ने बताया की चौकी के ही मंडल अध्यक्ष दिलीप वर्मा एवं भाजपा के कुछ नेताओं के दबाव के कारण उस पर जबरदस्ती एफआईआर किया गया है यहां तक उसकी पत्नी और उनकी सत्तर वर्षीय पिता के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज किया गया है जो कि कानूनन गलत है वही आईंरा संगठन के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत वर्मा ने छत्तीसगढ़ के डीजीपी से मांग किया है इस मामले को गंभीरता से लेकर संबंधित अधिकारी थाना प्रभारी पर उचित कार्रवाई करने की कृपा करें उन्होंने कहा कि वह खुद भी पत्रकार संगठन आईंरा इंटरनेशनल रिपोर्टर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष है उसके बावजुद पूर्व में भ्रष्ट पुलिस चौकी प्रभारी के द्वारा 2 महीने के अंदर तीन फर्जी एफआईआर दर्ज कराई गई एक संदिग्ध टीचर के माध्यम से कराया गया कुछ भ्रष्ट पुलिस अधिकारी अपने काले कारनामों को छुपाने के लिए पत्रकारों को टारगेट बनाते हैं मसलन कोई पत्रकार अगर उनके क्षेत्र में चल रहे अपराधी घटनाको जुआ सट्टा अवैध शराब तस्करी को समाचार पत्रों के माध्यम से प्रकाशित करते हैं तब पत्रकारों को टारगेट में लेने का प्रयास करते हैं संगठित माफिया छिटभैया नेता अपराधिक प्रवृत्ति के कुछ भ्रष्ट पुलिस मिलकर पत्रकारों को अपराधी या गुंडा साबित करने की कोशिश कर रहे हैं






