छत्तीसगढ़ के बस्तर में आजादी के 78 साल बाद एक ऐतिहासिक बदलाव लिखा जा रहा है। वो इलाका, जहां कभी पुलिस और प्रशासन का नाम तक नहीं लिया जा सकता था, जहां नक्सली राज चलता था और आजादी के पर्व पर काले झंडे लहराए जाते थे, वहां अब तिरंगा शान से फहरने की तैयारी है। फोर्स के लगातार अभियानों और जवानों की कड़ी मेहनत का नतीजा है कि सुकमा, बीजापुर और नारायणपुर जिले के 29 गांवों में पहली बार स्वतंत्रता दिवस का जश्न मनाया जाएगा।






