Wednesday, May 13, 2026

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आपातकाल के नाम पर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही भाजपा अपने वादों से भाग रही है : राजेश चौधरी

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प्रेस विज्ञप्ति में राजेश चौधरी नेता प्रतिपक्ष नगर निगम जगदलपुर ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी द्वारा आज 1975 के आपातकाल को “काला दिवस” के रूप में मनाकर प्रदेश और देश की जनता को भ्रमित करने का कुप्रयास किया जा रहा है। इस विषय पर भाजपा के विधायक, सांसद, प्रदेश अध्यक्ष,और ट्रोल आर्मी मिलकर एक सुनियोजित तरीके से आमजन का ध्यान भटकाने में जुटी हुई है।

सच्चाई यह है कि आपातकाल से देश और जनता दशकों पहले उबर चुकी है। आज भारत के मतदाताओं ने भाजपा को डबल इंजन और ट्रिपल इंजन की सरकारें बनाकर ऐतिहासिक अवसर प्रदान किया है,जिसका उद्देश्य था कि भाजपा अपने घोषणापत्र और संकल्पों के अनुसार रोजगार, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में ठोस कार्य करे। ना कि कांग्रेस का नाम लेकर घड़ियाली आंसू बहाकर अपनी नाकामियों पर पर्दा डालने का कोशिश करते रहे।

लेकिन दुर्भाग्यवश,भाजपा सरकार में आते ही अपने वादों से उलट कार्य कर रही है।

युक्तियुक्तकरण के नाम पर कक्षा 1 से 5 तक की शिक्षा के लिए मात्र दो शिक्षकों की नियुक्ति की जा रही है। क्या दो शिक्षक 5 कक्षाओं को पढ़ा सकते हैं? जब 2 शिक्षक 2 कक्षाओं को पढ़ा रहे होंगे, तो शेष 3 कक्षाओं के छात्रों का क्या होगा? इसके बावजूद सरकार खुद को शिक्षा का संवाहक बताकर अखबारों में बड़े-बड़े विज्ञापन छपवा रही है – यह सिर्फ दिखावा है, जमीनी सच्चाई कुछ और है। पहले कांग्रेस सरकार के समय में 5 कक्षाओं के लिए 5 शिक्षक हुआ करते थे उसे कम करते हुए भाजपा की रमन सिंह की सरकार ने 5 कक्षाओं को 3 शिक्षकों के सहारे छोड़ दिया जिससे शिक्षा का स्तर धीरे-धीरे गिरने लगा अब फिर से भाजपा की विष्णु देव साय सरकार के द्वारा शिक्षा का स्तर को और नीचे गिराने के उद्देश्य से 5 कक्षाओं पर मात्र 2 शिक्षको को ही नियुक्त की जानी है इनका उद्देश्य है शिक्षा का स्तर बद से बदतर हो जाए ताकि लोग पढ़ लिखकर नौकरी न मांग सके।

बस्तर और जगदलपुर में पूर्व में जो भी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध थीं,वह भी डेढ़ साल में लगभग नष्ट हो चुकी हैं।

युवाओं को रोजगार देने के बजाय,उनसे रोजगार छीने जा रहे हैं।

भाजपा की सरकार अब उन सवालों से भाग रही है, जिन पर उसे जनता को जवाब देना चाहिए था। न तो मुख्यमंत्री,न सांसद,न विधायक और न ही और प्रधानमंत्री ना कोई भी भाजपा के नेतागण इन जनसमस्याओं पर बात नहीं कर रहे हैं।

आज जब छत्तीसगढ़ में ट्रिपल इंजन की सरकार है, तो जनता उम्मीद करती है कि भाजपा अपनी जिम्मेदारी निभाएगी और उन मुद्दों पर बोलेगी, जिनके लिए जनता ने उसे चुना है। लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जनता की सुविधा, बच्चों की शिक्षा, युवाओं के रोजगार और स्वास्थ्य सेवा जैसे मूल मुद्दों पर चुप्पी साधकर भाजपा आपातकाल जैसे इतिहास की बातों में जनता को उलझाने का काम कर रही है।

क्या छत्तीसगढ़ की जनता ने भाजपा को सिर्फ आपातकाल पर भाषण देने के लिए वोट दिया था? यह प्रश्न आज हर नागरिक के मन में है। जिस प्रकार से प्रेस वार्ता लेकर सांसद जी विधायक जी ने आपातकाल की बात करके जन मानस को दिग्भ्रमित कर रही है मेरा तो उनसे आग्रह है की इसी प्रकार से प्रेस वार्ता लेकर थोड़ा शिक्षा की गुणवत्ता और युक्तियुक्तकरण पर,युवाओं को रोजगार देने पर सुदूर अंचलों के साथ साथ शहरी क्षेत्रों की स्वास्थ्य सुविधाओं पर बात करके दिखाए पर इतना साहस भाजपा के नेताओं के पास नहीं है इधर शहर नगर निगम क्षेत्र में जनता द्वारा ट्रिपल इंजन की सरकार बनते ही शहर के सारे स्ट्रीट लाइट के बत्ती गुल हो गए हैं जिसे बनाने की क्षमता भाजपा सरकार में दिख नहीं रही है और चले हैं इतिहास को खंगालने

 

 

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