Wednesday, May 13, 2026

UDYAM CG08D0001018

register form
Home Uncategorized बस्तर के संपूर्ण विकास रोड मैप बनाने हेतु सरकार बस्तर में ...

बस्तर के संपूर्ण विकास रोड मैप बनाने हेतु सरकार बस्तर में सभी वर्ग से प्रबुद्ध लोगों के साथ सभी राजनीतिक पार्टी सर्व दलीय राय ले= नवनीत चांद

0
116

संवैधानिक कमेटी/ प्राधिकरण बनाने की मांग को लेकर बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा द्वारा राष्ट्रपति प्रधानमंत्री,राज्यपाल ,गृह मंत्री सहित गृह मंत्रालय भारत सरकार मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा == नवनीत चांद

 

जगदलपुर ।छत्तीसगढ़ राज्य के बस्तर में नक्सलवाद खात्मा हेतु शांति वार्ता एवं खनिज दोहन नीति उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, स्वरोजगार, पर्यटन, सिंचाई, आवागमन,व्यपार, धर्मनिरपेक्षता नीति संस्कृति संरक्षण, एवं बस्तर के संपूर्ण विकास रोड मैप बनाने हेतु बस्तर के राजनीतिक सर्व दलीय, बुद्धिजीवी, सर्व समाज पत्रकार, समाज जनप्रतिनिधि, अधिकारी वर्ग को शामिल कर संवैधानिक कमेटी/ प्राधिकरण बनाने की मांग को लेकर बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा द्वारा माननीय श्री पी सुंदर राज बस्तर के अनुपस्थिति में ए आई जी के माध्यम से राष्ट्रपति सहित प्रधानमंत्री राज्य के राज्यपाल ,गृह मंत्री सहित गृह मंत्रालय भारत सरकार मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा।

 

उक्त जानकारी देते हुए मुक्ति मोर्चा के प्रमुख संयोजक जन मुद्दों को लेकर लगातार बस्तर में सक्रिय युवा नेता नवनीत चांद ने कहा है कि

 बस्तर में एक दशक से पनप रहे नक्सलवाद को खत्म करने के सरकार की मुहिम और इच्छा को साधुवाद ।

 उन्होंने उक्त ज्ञापन के माध्यम से आदिवासी अंचल बस्तर, नक्सलवाद और प्रशासनिक भ्रष्टाचार के कारण आर्थिक समृद्धि, संपूर्ण विकास से हमेशा अछूता रहा है, देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने सन 2000 में मध्य प्रदेश को विभाजित कर छत्तीसगढ़ नए राज्य का गठन किया उसे संपूर्ण बस्तरवासियों को यह, उम्मीद जगी कि अब बस्तर का संपूर्ण विकास संभव होगा, परंतु यह आज 25 वर्ष गुजर जाने के बाद भी संभव नहीं हो पाया।

 बतौर देश के गृहमंत्री बस्तर को विकसित करने की दृढ़ इच्छा शक्ति को लेकर नक्सलवाद को खत्म करने का चेष्टा उठाकर एक डेडलाइन नियुक्त की है, यह दृढ़ इच्छा शक्ति प्रशंसनीय है! परंतु सिर्फ नक्सली खत्म कर कर नक्सलवाद खत्म नहीं किया जा सकता?

 

   नवनीत ने दंतेवाड़ा प्रवास के दौरान दिए गए देश के गृह मंत्री के बयान पर कहा कि आपका अपील से सुनने को मिला, जिसमें आपने नक्सलियों से शांति वार्ता करने का अपील रखा है और वहीं बस्तर के विकास की रोड मैप को तैयार करने की बात कही है! इन बातों को सुनकर बस्तर के निवासियों को फिर एक बार नई उम्मीद दिखाई दे रही है।

 

चांद ने कहा है कि 25 वर्षों में जब से छत्तीसगढ़ राज्य बना है बस्तर के विकास का रोड मैप कभी भी बस्तर के आम निवासियों एवं सभी राजनीतिक दल, बुद्धिजीवी वर्ग ,सर्व समाज व्यापारी व पत्रकार व जनप्रतिनिधि वर्ग को एक समिति के माध्यम से एक छत के नीचे लाकर नहीं बनाया गया, जिससे बस्तर के वास्तविक विकास हेतु जो वास्तविक मांग या आवश्यकता है उसे कभी भी किसी सरकार ने बस्तर के विकास के रोड मैप के रूप में शामिल नहीं किया, राज्य सरकार और केंद्र सरकार द्वारा हमेशा परंपरागत रूप से राज्य के मुख्य अधिकारियों के मार्गदर्शन में एवं बस्तर के जिला अधिकारियों के दिए गए सुझावों के माध्यम से बस्तर के विकास का रोड मैप तैयार किया है !

 

 चांद ने कहा है बस्तरवासी आपसे यह चाहते हैं कि बस्तर में व्याप्त समस्याएं जैसे नक्सलवाद एवं शिक्षा, स्वास्थ्य , रोजगार, धर्म हिंसा, उद्योग, सिचाई आदि को लेकर मौजूदा समस्याओं को बस्तर के जनप्रतिनिधियों, बस्तर के सर्वदलीय नेताओं, बस्तर के सर्व समाज, वरिष्ठ पत्रकार, बुद्धिजीवी समाजसेवी संगठन, बस्तर के वरिष्ठ अधिकारियों के माध्यम से एक समिति बना आपके मार्गदर्शन में परस्पर वार्ता कर समाधान किया जावे एवं बस्तर का वास्तविक विकास का रोड मैप इस बस्तर की समिति के माध्यम से तैयार किया जावे जिसे केंद्र एवं राज्य सरकार का संरक्षण एवं संपूर्ण सहयोग संवैधानिक दृष्टिकोण से प्राप्त हो।

 

 मुक्ति मोर्चा ने कहा बस्तर में हर कोई उद्योग का विरोध नहीं करता, वह विरोध करता है छलने की प्रक्रिया का, आज पर्यन्त तक बस्तर में, जब भी लोहा खदानों को उत्खनन हेतु लीज प्रदाय किया गया, या बस्तर में उद्योग लगाने का प्रस्ताव आया, कभी भी बस्तर के वास्तविक विकास और बस्तरवासियों की वास्तविक मांग एवं अधिकार को नहीं समझ गया ।दमन नीति को लागू कर जबरन उद्योग लगाने का प्रयास किया गया इसी कारण यहां उद्योग नहीं लग पाए,यही कारण है कि दक्षिण बस्तर में मध्य बस्तर में और उत्तर बस्तर में नक्सलियों को एवं कुछ ऐसे संगठनों को जो संविधान पर विश्वास नहीं रखते उन्हें मौका मिला ।

 जब केंद्र सरकार व राज्य सरकार दोनों दिल खोलकर संवैधानिक शक्तियां देते हुए बस्तर विकास के लिए एक विशेष प्राधिकरण या समिति गठित करें जिसमें बस्तर के सर्व दलीय के प्रतिनिधि सर्व समाज के प्रतिनिधि बुद्धिजीवी वर्ग के प्रतिनिधि एवं अधिकारी, जनप्रतिनिधि, पत्रकार वर्ग की प्रतिनिधि भी शामिल हो और समिति का मार्गदर्शन राज्य सरकार से अनुमोदित परन्तु केंद्र सरकार के द्वारा नियुक्त प्राधिकरण के माध्यम से संवैधानिक अधिकारों के साथ संचालित है और इन उद्योगों से आने वाली जिला खनिज न्यास या सीएसार जैसी विकास निधियों को विधिवत प्रदर्शित एवं वास्तविक मांग के अनुरूप बस्तर विकास के लिए खर्च किया जावें।

 

 नवनीत ने कहा बस्तर के संपूर्ण विकास और नक्सलवाद के खात्मे हेतु यह ऐतिहासिक कदम मौजूदा द्वारा जरुर उठाया जाएगा और यह समिति नक्सलियों से भी शांतिवार्ता कर उन्हें मुख्य धारा में लाकर बस्तर विकास का सारथी बनाने का काम करेगा, इस पर हमें पूरा भरोसा है । इस दौरान जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जे एवं बस्तर मुक्ति मोर्चा के पदाधिकारी के रूप में, नगर मंडल अध्यक्ष मेहताब सिंह, युवा विंग जिला अध्यक्ष हिमांशु आनंद, नगर महिला मोर्चा अध्यक्ष संगीता सरकार, महामंत्री प्रिया यादव, सचिव मोहनी सिंग, मुक्ति मौर्चा ऑफिस इंचार्ज, के आकाश जॉन, बस्तर विधानसभा अध्यक्ष नीलांबर भद्रे, चित्रकूट विधानसभा अध्यक्ष कमल बघेल आदि पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे!

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here