बस्तर में धान की कटाई के बाद किसान अब मिजाई और बिक्री में जुट गए हैं। मौसम खुलने से किसानों को बड़ी राहत मिली है, और वे अब अपने धान को आसानी से कटाई और मिजाई कर रहे हैं। किसान अब आधुनिक मशीनों का उपयोग करके धान की कटाई और मिजाई कर रहे हैं, जिससे उनका समय और पैसा दोनों बच रहा है।
इसके अलावा, ऑनलाइन टोकन सुविधा के माध्यम से किसान घर बैठे टोकन कटा कर धान की बिक्री कर रहे हैं, जिससे उन्हें लैम्पस में जाने की जरूरत नहीं है। सरकार ने इस सुविधा को शुरू करने के लिए “टोकन तुंहर हाथ” नामक एप बनाया है, जिससे किसान घर बैठे टोकन कटा सकते हैं, और किसान की पूर्ण जानकारी एप्प में देख सकते हैं।
लेकिन, किसान सोमारू कश्यप ने बताया कि आनलाईन से सुविधाएं तो मिल रही हैं, लेकिन एग्रीस्टेक में खसरा और रकबा नहीं दिखाने से धान बेचने में परेशानियां हो रही हैं। उन्होंने प्रशासन से अनुरोध किया है कि किसानों की सुविधा के लिए संसोधन किया जाए और धान टोकन जारी किया जाए।
कश्यप ने बताया कि एग्रीस्टेक में मेरा खसरा और रकबा नहीं दिखाने से धान बेचने में परेशानियां हो रही हैं। टोकन नहीं कट रहा है।उन्होंने कहा कि आनलाईन टोकन सुविधा से किसानों को बहुत लाभ हो रहा है, लेकिन एग्रीस्टेक में खसरा और रकबा नहीं दिखाने से परेशानियां हो रही हैं।
उन्होंने प्रशासन से अनुरोध किया है कि किसानों की सुविधा के लिए संसोधन किया जाए और धान टोकन जारी किया जाए। उन्होंने कहा कि इससे किसानों को धान बेचने में आसानी होगी और उनकी परेशानियां दूर होंगी।

