*उफान पर अंबेली नदी: DDRF जवानों ने देवदूत बनकर बचाई 135 से अधिक जिंदगियां, मोटरबोट और रस्सियों के सहारे किया सुरक्षित रेस्क्यू*
बीजापुर
जिले में बीते कुछ दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। नदियां और नाले अपने उफान पर हैं, जिससे अंदरूनी इलाकों का संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया है।
इसी बीच अंबेली नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से नदी के दोनों छोर पर सैकड़ों ग्रामीण फंस गए। इस संकट की घड़ी में नगर सेना और जिला आपदा मोचन बल (DDRF) की टीम ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए 135 से अधिक ग्रामीणों को सकुशल सुरक्षित पार कराया।
नदी के दोनों ओर फंसे थे दर्जनों गांवों के ग्रामीण 31 जुलाई को अंबेली नदी में आए अचानक उफान के कारण यातायात पूरी तरह ठप हो गया था।
नदी के एक छोर पर कुटरू से करकेली, बेदरे, उसकापटनम, बंदेपारा, जेरवा, मुरकीनार, इड़कापल्ली, केडेपल्ली और ओडसेमपोरका की ओर जाने वाले लोग फंसे थे, तो दूसरे छोर पर कुटरू, सकनापल्ली, केतुलनार, गुदमा, कोमला और बीजापुर की ओर आने वाले राहगीर व ग्रामीण फंसे हुए थे।
सूचना मिलते ही तत्काल हरकत में आया प्रशासन स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कुटरू S.D.O.P. बृज किशोर यादव ने तुरंत बीजापुर नगर सेना एवं अग्निशमन अधिकारी (जिला सेनानी) पी.एस. सिद्धार्थ को फोन पर घटना की जानकारी दी।
सूचना मिलते ही जिला सेनानी पी.एस. सिद्धार्थ ने बिना समय गंवाए DDRF की विशेष रेस्क्यू टीम को मोटरबोट एवं आवश्यक बचाव उपकरणों के साथ तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया।
जान जोखिम में डालकर जवानों ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन, DDRF टीम के जांबाज जवानों—कृष्णाराव, जिलयुस तिर्की, ताती हुंगा, हरेश कण्डिक, हरिश यालम, दसरू कुंजाम, सुदेश गुरला, राजू वाचम, और अमोल एण्ड्रिक ने बिना देर किए मोर्चा संभाला:
उफनती नदी में उतारी मोटरबोट: शुरुआती चरण में जब पानी का बहाव बेहद तेज और खतरनाक था, तब जवानों ने मोटरबोट इंजन की मदद से जोखिम उठाकर लोगों को एक-एक कर सुरक्षित किनारे पहुंचाया।
रस्सी बांधकर बनाया सुरक्षा घेरा: बाद में जब जलस्तर में थोड़ी कमी आई, तब नदी के दोनों छोर पर मजबूती से रस्सियां बांधकर जवानों ने 135 से अधिक ग्रामीणों को सुरक्षित नदी पार कराई।
*थकान भूलकर संभाला मोर्चा: ITBP जवान का रेस्क्यू कर लौटी ही थी टीम DDRF बीजापुर की इस टीम की कर्तव्यनिष्ठा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अंबेली नदी रवाना होने से ठीक पहले यह टीम इंद्रावती नदी पार कर लंकापल्ली क्षेत्र से एक मलेरिया पीड़ित ITBP जवान का सफल रेस्क्यू करके लौटी ही थी। बिना विश्राम किए और थकान की परवाह किए बगैर जवानों ने तुरंत अंबेली नदी पहुंचकर 135 से अधिक लोगों का सुरक्षित रेस्क्यू किया।
प्रशासन व ग्रामीणों ने की भूरि-भूरि प्रशंसा नगर सेना एवं DDRF बीजापुर के इस त्वरित, साहसिक और तत्परतापूर्ण कार्य की स्थानीय ग्रामीणों, राहगीरों और जिला प्रशासन ने दिल खोलकर सराहना की है। उफनती नदी में जवानों की इस जांबाजी ने साबित कर दिया कि वे किसी भी आपदा में आम जनता के लिए सच्चे ‘देवदूत’ हैं।

