दुर्गूकोंदल वन परिक्षेत्र में तेंदूपत्ता संग्रहण ने पकड़ी रफ्तार, लक्ष्य के करीब पहुंचा वन विभाग 26 हजार से अधिक मानक बोरा तेंदूपत्ता संग्रहित, संग्रहण केंद्रों में ग्रामीणों की उमड़ी भीड़
दुर्गूकोंदल, 11 मई 2026।
वन मंडल भानुप्रतापपुर अंतर्गत दुर्गूकोंदल वन परिक्षेत्र में तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य ने अब तेज रफ्तार पकड़ ली है। विकासखंड दुर्गूकोंदल की 18 समितियों के विभिन्न संग्रहण केंद्रों में इन दिनों बड़ी मात्रा में तेंदूपत्ता पहुंच रहा है। ग्रामीणों, महिला समूहों और वन समितियों की सक्रिय भागीदारी से क्षेत्र में उत्साह का माहौल बना हुआ है।
वन परिक्षेत्र अधिकारी सतीश कुमार मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2026 के तेंदूपत्ता सीजन के लिए दुर्गूकोंदल वन परिक्षेत्र को कुल 38,700 मानक बोरा संग्रहण का लक्ष्य मिला है। विभाग को उम्मीद है कि मौसम अनुकूल रहने की स्थिति में यह लक्ष्य समय रहते पूरा कर लिया जाएगा। विभागीय दैनिक प्रगति प्रतिवेदन के अनुसार 11 मई 2026 तक कुल 26,802.645 मानक बोरा तेंदूपत्ता संग्रह किया जा चुका है, जो लक्ष्य की दिशा में तेजी से बढ़ते कदम को दर्शाता है।
दुर्गूकोंदल क्षेत्र के कोदापाखा, मेडो, चिखली, हिम्मतवाही, गुमड़ीडीही, कोण्डे, साधुमिचगांव, दुर्गूकोंदल ‘अ’ एवं ‘ब’, करकापाल, कोडेकुर्से, सुरूंगदोह, गोडपाल, कराकी, कोडरूंज, पेडावारी, लोहत्तर ‘अ’ एवं ‘ब’, दमकसा ‘अ’ एवं ‘ब’ तथा हाटकोंदल संग्रहण केंद्रों में सुबह से ही ग्रामीण तेंदूपत्ता लेकर पहुंच रहे हैं। यहां पत्तों की जांच, छनाई और सुखाने का कार्य लगातार जारी है।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार इस वर्ष मौसम अनुकूल रहने के कारण तेंदूपत्ता की गुणवत्ता बेहतर है, जिससे संग्राहकों को अच्छे लाभ की उम्मीद है। विभाग द्वारा सभी संग्रहण केंद्रों में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि ग्रामीणों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
वन परिक्षेत्र अधिकारी सतीश कुमार मिश्रा ने बताया कि कई क्षेत्रों में पत्ता तोड़ाई अभी जारी है, जबकि कुछ स्थानों पर सोमवार या मंगलवार तक फड़ बंद हो सकते हैं। अगले दो दिनों के भीतर अधिकांश संग्रहण केंद्रों में कार्य पूर्ण होने की संभावना है।
ग्रामीणों का कहना है कि तेंदूपत्ता सीजन उनके लिए अतिरिक्त आय का बड़ा साधन है। हर वर्ष हजारों परिवार इस कार्य से जुड़कर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करते हैं। वन विभाग ने संग्राहकों से गुणवत्ता युक्त तेंदूपत्ता ही फड़ केंद्रों में जमा करने की अपील की है, ताकि बेहतर मूल्य मिल सके और लक्ष्य आसानी से प्राप्त किया जा सके।

