* *मददेड में आस्था का अद्भुत महासंगम: विघ्नहर्ता के दरबार में गूंजेगी प्रभु श्रीराम की अमर कथा, 80 वर्ष पुरानी दिव्य परंपरा का भव्य आयोजन*मद्देड़ से विशेष वल्वा की रिपोर्ट*
बीजापुर/भोपालपटनम/
मद्देड़ 22 सितम्बर 2026
बीजापुर जिले के भोपाल पटनम तहसील अंतर्गत ग्राम मददेड की पावन धरा एक बार फिर अगाध श्रद्धा, अटूट विश्वास और भक्ति के रंग में रंगने जा रही है।
हमारे पूर्वजों द्वारा सौंपी गई 80 वर्षों की ऐतिहासिक एवं दिव्य धरोहर को संजोते हुए, इस वर्ष भी ‘श्री गणेश नवरात्रि’ के पावन पर्व पर श्रीराम मंदिर प्रांगण में 24 घंटे का भव्य अखण्ड रामायण महापाठ आयोजित किया जा रहा है।
यह महाआयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह हमारे गाँव की सांस्कृतिक एकता और बुजुर्गों के आशीर्वाद का वह अमृत है, जिसे हम सब मिलकर हर साल नई ऊर्जा से सींचते हैं।
अखण्ड रामायण महापाठ की रूपरेखा:
मंगलाचरण व शुभारंभ: 23 सितंबर 2026, दिन बुधवार, प्रातः 11:00 बजे से।
महापाठ समापन: 24 सितंबर 2026, दिन गुरुवार, प्रातः 11:00 बजे।
पूर्णाहुति एवं विशाल भंडारा: पाठ समापन के पश्चात विधि-विधान से हवन-पूर्णाहुति, विसर्जन और तदुपरांत विशाल महाप्रसाद (भंडारा)।
पुण्य स्थल: श्रीराम मंदिर प्रांगण, मददेड।
राम नाम की गंगा: 1-2 घंटे का समय निकालकर अवश्य बनें भागीदार
जीवन की आपाधापी में प्रभु श्रीराम का नाम ही परम शांति और संबल है।
मान्यता है कि जहाँ 24 घंटे रामचरितमानस की चौपाइयां गूंजती हैं, वहाँ के सारे कष्ट, व्याधियां और चिंताएं स्वतः मिट जाती हैं।
समस्त माताओं, बहनों, बुजुर्गों और युवाओं से करबद्ध निवेदन है कि यदि आप पूरे समय उपस्थित न भी रह सकें, तो कम से कम 1 से 2 घंटे का समय निकालकर इस महायज्ञ में आएं और श्रीराम कथा का श्रवण कर घर-परिवार के लिए अखंड सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त करें।
बप्पा के दरबार में महादान: आपकी श्रद्धा, आपका सहयोग,
इसी प्रांगण में हर वर्ष की भांति श्री गणेश महोत्सव भी बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है।
हमारे कई भक्तजन अपनी अगाध श्रद्धा से बप्पा की सेवा में जुटे हैं— कोई दिव्य मूर्ति भेंट कर रहा है, कोई दीप प्रज्जवलन हेतु तेल-बाती दे रहा है, तो कोई पूजन और भंडारे की सामग्री का सहयोग कर रहा है।
आप सभी धर्मानुरागी बंधुओं से निवेदन है कि इस पुण्य कार्य में अपनी श्रद्धानुसार सहयोग (सेवा) प्रदान कर पुण्य के भागी बनें।
आइए, हम सब मिलकर इस उत्सव को ऐतिहासिक और भव्य बनाएं। याद रखें, आपका एक छोटा सा समर्पण, विघ्नहर्ता का बहुत बड़ा आशीर्वाद बनकर आपके जीवन में लौटेगा।
आपकी उपस्थिति ही इस परंपरा की वास्तविक शक्ति है।
आइए, इस महायज्ञ को सफल बनाएं!

