ट्रैक्टर फाइनेंस के नाम पर 15 किसानों से 15.73 लाख की ठगी का आरोप, विधायक ने एसपी से जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने को लिखा पत्र ।,,,,,,,,,
,,,,,,, तेजनारायण सिंह की रिपोर्ट,,,,,,,,
भोपालपटनम। ,,,,,,, गंगालूर तहसील के कावरगांव, हिरोली, पुसनार, गंगालूर एवं मेट्टापाल क्षेत्र के किसानों से ट्रैक्टर फाइनेंस कराने के नाम पर लाखों रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही जानकारी के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है। पीड़ित किसानों ने बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी से मुलाकात कर अपनी समस्या बताई और उनसे न्याय दिलाने की गुहार लगाई।
ग्रामीणों के अनुसार, शिवम ट्रैक्टर के मैनेजर माधव मंडल द्वारा जानडियर ट्रैक्टर फाइनेंस कराने के नाम पर किसानों से राशि ली गई। आरोप है कि पांच गांवों के करीब 15 किसानों से कुल 15 लाख 73 हजार रुपये लिए गए। किसानों का कहना है कि रकम जमा करने के कई महीने बीत जाने के बावजूद उन्हें अब तक न तो ट्रैक्टर उपलब्ध कराया गया और न ही उनकी राशि वापस की गई।
किसानों ने बताया कि ट्रैक्टर फाइनेंस के नाम पर राशि जमा करने के बाद वे लंबे समय तक ट्रैक्टर मिलने का इंतजार करते रहे। जब काफी समय बीत गया तो उन्होंने संबंधित मैनेजर से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन कथित तौर पर फोन पर भी उचित जवाब नहीं मिल रहा है। इससे परेशान होकर किसानों का धैर्य जवाब दे गया और वे लगभग 30 से 40 किलोमीटर की दूरी तय कर विधायक विक्रम मंडावी के पास पहुंचे।
पीड़ित किसानों ने विधायक से अपनी मेहनत की कमाई वापस दिलाने अथवा उन्हें ट्रैक्टर उपलब्ध कराने की मांग करते हुए कहा कि उन्होंने भरोसा करके राशि जमा की थी, लेकिन अब वे स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। किसानों ने विधायक से मामले में हस्तक्षेप कर उन्हें न्याय दिलाने की गुहार लगाई।
विधायक ने एसपी को लिखा पत्र
किसानों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए विधायक विक्रम मंडावी ने तत्काल संज्ञान लिया और मामले में कार्रवाई के लिए बीजापुर पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखा। विधायक ने पुलिस अधीक्षक से मामले में एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष एवं गंभीरता से जांच करने तथा दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।
विधायक ने किसानों को उनकी राशि अथवा उनके हक का ट्रैक्टर दिलाने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई किए जाने की बात भी कही है। विधायक के हस्तक्षेप के बाद अब पीड़ित किसानों को प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई से न्याय मिलने की उम्मीद है।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी सच्चाई
फिलहाल मामला किसानों द्वारा लगाए गए आरोपों और सोशल मीडिया पर वायरल जानकारी के आधार पर सामने आया है। पूरे मामले की वास्तविकता पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। अब किसानों की नजर जिला प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हुई है।
पीड़ित किसानों का कहना है कि उन्होंने अपनी मेहनत की कमाई ट्रैक्टर लेने की उम्मीद में दी थी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो किसानों का कहना है कि संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए उनकी राशि वापस दिलाई जाए, ताकि उन्हें न्याय मिल सके।

