
बरसात में बढ़ जाता है साँप, बिच्छू और कीड़े-मकोड़ों का काटना
भारत में साँप की 4 प्रमुख जहरीली प्रजाति
किंग कोबरा
करैत
इंडियन कोबरा
रसेल वाइपर
साँप काटने के लक्षण
साँप के काटने के कुछ समय बाद कटे स्थान पर सूजन, पसीना, बेहोशी, खून का न रुकना, मांसपेशियों में कमजोरी, नींद व उल्टी आना, अत्यंत पेट दर्द, सांस लेने में तकलीफ और मरीज का ज्यादा देर तक आंख-मुंह नहीं खोल पाना इत्यादि।
बिच्छू काटने के लक्षण
तीव्र दर्द, काटने के स्थान पर सूजन, सुन्नता, सांस लेने में कठिनाई, अत्यधिक लार, पसीना, बेचैनी, मांसपेशियों में कमजोरी, मितली और उल्टी, धुंधला दिखना, अल्प रक्तचाप, असामान्य धड़कन।
बचाव
बरसात के मौसम में घर के आसपास उगी झाड़ियों को साफ करें, बच्चों को झाड़ियों से दूर रखें।
मच्छरदानी का प्रयोग करें, जमीन पर ना सोएं।
साँप के काटने पर शरीर के उस अंग को स्थिर रखें और मरीज को तुरंत नजदीकी चिकित्सा केंद्र ले जाएं, जहां एंटीडोट उपलब्ध हो।
मरीज का लगातार मनोबल बढ़ाते रहें।
जख्म की जगह को हिलाएं नहीं क्योंकि मांसपेशियों की रगड़ से जहर तेजी से फैल सकता है।
झाड़-फूंक या जड़ी-बूटी ना करके मरीज को सीधे अस्पताल लेकर जाएं।
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अग्रवाल नर्सिंग होम
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