*1 जून से चलेगा ‘सड़क जैसी परिस्थितियों में रहने वाले बच्चों’ का विशेष पुनर्वास अभियान, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर दें सूचना* दीपक मरकाम की खबर,
सम्भाग दक्षिण बस्तर,
बीजापुर जिला दिनांक 01 जून 2026,
बीजापुर 01 जून 2026/महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला बीजापुर द्वारा सड़क, बस स्टेशन, हॉटबाजार एवं असुरक्षित परिस्थितियों में जीवनयापन करने वाले बच्चों के संरक्षण एवं पुनर्वास हेतु *”Children in Street Situation – CiSS” विशेष अभियान* 1 जून 2026 से 30 जून 2026 तक चलाया जाएगा।
*”बचपन को सड़क नहीं, सुरक्षित भविष्य चाहिए”*
कलेक्टर के निर्देशन में आयोजित इस एक माह के विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य ऐसे बच्चों की पहचान कर उन्हें सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पुनर्वास की मुख्यधारा से जोड़ना है। *अभियान के तहत बाल श्रमिक, भिक्षावृत्ति में लिप्त, अपशिष्ट संग्राहक* एवं परिवार से अलग रह रहे बच्चों का तत्काल रेस्क्यू किया जाएगा।
*क्या होंगी प्रमुख कार्यवाहियाँ?*
1. *पहचान एवं रेस्क्यू:* सड़क जैसी परिस्थितियों में रहने वाले बच्चों की पहचान कर उन्हें तत्काल बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
2. *पुनर्वास:* बच्चों को बालगृह/आश्रय गृह, शिक्षा, स्वास्थ्य जांच एवं परामर्श सुविधाओं से जोड़ा जाएगा।
3. *परिवार से मिलन:* संभव होने पर परिवार पुनर्स्थापन एवं आवश्यक होने पर दीर्घकालिक पुनर्वास की व्यवस्था की जाएगी।
4. *संरक्षण:* बाल श्रम, शोषण, यौन उत्पीड़न एवं मानव तस्करी से बच्चों को बचाने हेतु पुलिस, श्रम, शिक्षा व स्वास्थ्य विभाग के साथ संयुक्त कार्यवाही होगी।
*’चिन्हांकन की पंचशक्ति’ से होगा गाँव-गाँव सर्वेक्षण*
जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास ने बताया, “इस अभियान की सफलता जमीनी अमले पर निर्भर है। इसलिए *प्रत्येक ग्राम पंचायत में पंचायत सचिव, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन, जनप्रतिनिधि, शिक्षकगण एवं बीजादूतिर स्वयंसेवकों* को ‘चिन्हांकन की पंचशक्ति’ के रूप में जिम्मेदारी दी गई है। ये सभी अपने क्षेत्र में दिन-रात सड़क/बाजार में घूमने वाले, अकेले रहने वाले या भिक्षावृत्ति/कचरा बीनने में लगे बच्चों की सूचना तत्काल देंगे।”
*जिला प्रशासन की अपील: एक कॉल बदल सकती है तकदीर*
प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें अपने आसपास कोई बच्चा सड़क, बस स्टेशन, हॉटबाजार अथवा असुरक्षित परिस्थितियों में दिखाई दे तो *तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन 1098* अथवा जिला प्रशासन, महिला एवं बाल विकास विभाग को सूचित करें। सूचना देने वाले की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी।
*”हर बच्चे को मिले सुरक्षा, शिक्षा और सम्मान — यही हमारा संकल्प, यही अभियान”* के ध्येय के साथ चलने वाला यह अभियान ‘विकसित छत्तीसगढ एवं ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ के लक्ष्यों को भी मजबूती देगा।



