Thursday, April 23, 2026

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ज्ञानभारतम् राष्ट्रीय पाण्डुलिपि का सर्वेक्षण 15 जून तक मुख्य सचिव श्री शील ने वीसी के जरिए बैठक लेकर जिलों में सर्वे तेज करने के दिए निर्देश।

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ज्ञानभारतम् राष्ट्रीय पाण्डुलिपि का सर्वेक्षण 15 जून तक मुख्य सचिव श्री शील ने वीसी के जरिए बैठक लेकर जिलों में सर्वे तेज करने के दिए निर्देश।

कांकेर:-

संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के द्वारा ज्ञानभारतम राष्ट्रीय पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत देश एवं राज्य में उपलब्ध प्राचीन एवं ऐतिहासिक पाण्डुलिपियों का सर्वे, सूचीकरण एवं संरक्षण सुनिश्चित किया जा रहा है। इस अभियान के माध्यम से विभिन्न संस्थानों एवं निजी संग्रहों में संरक्षित पाण्डुलिपियों का व्यवस्थित सर्वेक्षण एवं डिजिटलीकरण किया जा रहा है। प्रदेश के मुख्य सचिव श्री विकास शील ने आज वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक लेकर आगामी 15 जून तक किए जाने वाले सर्वेक्षण में तेजी लाने के निर्देश कलेक्टरां को दिए। कांकेर जिले से कलेक्टर श्री निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर और सीईओ जिला पंचायत एवं नोडल अधिकारी श्री हरेश मण्डावी ने इसमें हिस्सा लिया।

वीसी में मुख्य सचिव ने बताया कि यह सर्वेक्षण उन पांडुलिपियों को खोजने और सूचीबद्ध करने का प्रयास है, जो वर्तमान में परिवारों, मंदिरों, मठों, संस्थानों या निजी संग्रहों में सुरक्षित है, लेकिन अभी तक औपचारिक रूप से सर्वेक्षित नहीं हो पाई हैं। सर्वेक्षण के पश्चात सरकार इनका डिजिटाइजेशन और संरक्षण करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पांडुलिपियों का स्वामित्व उनको धारण करने वाले व्यक्ति, परिवार और संस्था का ही रहेगा। पाण्डुलिपियां देश की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक एवं बौद्धिक संपदा है। इनमें प्राचीन ज्ञान, चिकित्सा, साहित्य, धर्म, विज्ञान एवं सामाजिक परंपराओं से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी निहित होती है। इनका संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए ज्ञान संरक्षण के लिए कार्य करने में सहायक होगा, जिसके लिए इनका वैज्ञानिक संरक्षण एवं डिजिटलीकरण करना आवश्यक हो गया है। उन्होंने बताया कि इस राष्ट्रीय अभियान से जुड़ने के लिए डिजिटल माध्यम ज्ञानभारतम् पोर्टल भी लांच किया गया है। कोई भी व्यक्ति या संस्था अपने पास उपलब्ध पांडुलिपियों को ज्ञानभारतम् डॉट कॉम पोर्टल और ‘ज्ञानभारतम् मोबाइल एप के माध्यम से आवश्यक जानकारी दर्ज कर इस राष्ट्रव्यापी सर्वेक्षण अभियान का हिस्सा बन सकते हैं। इसके लिए मुख्य सचिव ने शैक्षणिक संस्थानों, पुस्तकालयों, सांस्कृतिक संस्थानों तथा इसमें रूचि रखने वाले नागरिकां व मीडिया प्रतिनिधियों के माध्यम से पाण्डुलिपि के फोटोग्राफ्स संग्रहित करने तथा पोर्टल में फोटो अपलोड कराने के लिए कहा।

कलेक्टर ने जिलावासियों से की पाण्डुलिपियों की जानकारी देने की अपील

कलेक्टर श्री क्षीरसागर के मार्गदर्शन में ज्ञानभारतम राष्ट्रीय पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान का क्रियान्वयन किया जा रहा है। उन्होंने जिलावासियों से अपील की है कि यदि उनके पास ऐसी पांडुलिपियां हैं जो अब तक सर्वेक्षित नहीं हैं, या उन्हें किसी स्थान, परिवार या संस्था में पांडुलिपियों की जानकारी है, तो वे इस सर्वेक्षण से अवश्य जुडें एवं प्रशासन को अवश्य उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि इस पहल से ज्ञानभारतम राष्ट्रीय पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान में जिले की विशिष्ट पहचान स्थापित होगी। यह राष्ट्रीय अभियान हमारी सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने का एक ऐतिहासिक अवसर है, जिसमें समाज के सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। कलेक्टर ने अपील करते हुए कहा कि ऐसे नागरिक जिन्हें अपने आसपास पांडुलिपियों की जानकारी है, वे भी इस सर्वेक्षण से जुड़कर महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि उक्त साइट में पाण्डुलिपि की सिर्फ फोटो अपलोड की जाएगी, उसकी जानकारी देने वाले के पास उसका मूल स्वरूप यथास्थिति सुरक्षित एवं संरक्षित रहेगा।

 

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